इंग्लैंड के कोच गैरेथ साउथगेट टीम के लिए प्रेरणा बन गए हैं। रूस आने से पहले उनके टीम से यही शब्द थे कि यहां अर्जित की गई उपलबद्धि क्लब से मिली सफलता से कहीं बड़ी होगी। इसी मंत्र को टीम ने सूत्र बना लिया है। रूस आने से पहले इंग्लैंड की टीम को ज्यादा अहमियत नहीं दी जा रही थी। यूरोपियन चैंपियनशिप में बी उे आइसलैंड से हारना पड़ा था, लेकिन जिस तरह से साउथगेट ने इस टीम में जज्बा भरा है। उसका परिणाम सामने आ चुका है। जहां सारा इंग्लैंड जश्न में डूबा है, वहीं साउथगेट ने अपनी टीम को जमीन पर पैर रखने की सलाह दी है।
क्रोएशिया के पिछले दो मैचों से यह साफ जाहिर है कि वह अपना डिफेंस कमजोर नहीं पड़ने देगी और पेनल्टी शूटआउट की स्थिति में उसकी जीत लगभग निश्चित है, वहीं इंग्लैंड का नेतृत्व करने के लिए उसके पास हेरी केन जैसा कप्तान है।
इंग्लैंड भी फाइनल का टिकट कटाकर दूसरा विश्व कप खिताब जीतने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। दोनों टीमों के बीच का सेमीफाइनल मैच रोमांचक होने वाला है। बता दें कि एक बार की चैंपियन इंग्लैंड 1966 में खिताबी जीत हासिल की थी।