अमेरिका में हुए 1994 के फुटबाल विश्वकप से पहले क्वालिफाइंग राउंड में हिस्सा लेने के लिए सेनेगल जाने से पहले ही जांबिया की पूरी फुटबाल टीम विमान हादसे का शिकार हो गई। 27 अप्रैल 1993 को जांबिया की वायुसेना का विमान 18 खिलाड़ियों सहित कोचिंग स्टाफ को लेकर निकला था। इसी बीच विमान में गड़बड़ी आ गई। हादसे में सभी खिलाड़ियों, पायलट सहित 31 लोगों की मौत हो गई।
जांबिया की टीम उस समय फुटबाल में काफी उभर रही थी। जांबिया ने 1988 के ओलंपिक में इटली को 4-0 से हराया था। कालुशा बावल्य ने हैट्रिक भी लगाई थी। सेनेगल पहुंचने से पहले विमान को तीन जगह ईंधन भरवाना था। पहली जगह ब्राजाविले में जब ईंधन भरवाया तो विमान में कुछ गड़बड़ी लगी। इसके बावजूद विमान खिलाड़ियों को लेकर उड़ा।
दूसरे स्थान लिब्रेविले पहुंचने से पहले विमान के बाएं इंजन में आग लग गई। पायलट ने गलती से दाहिना इंजन बंद कर दिया और हादसा हो गया। खिलाड़ियों की स्मृति में जांबिया की राजधानी लुसाका में हीरोज एकड़ नाम से स्मारक बनाया गया है।