अपने संविधान में संशोधन करने में विफल रहने वाले पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ (पीएफएफ) को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) ने निलंबित कर दिया है। फीफा का मानना है कि पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ का संविधान देश में खेल के सुचारू और न्यायपूर्ण शासन के लिए ठीक नहीं है। फीफा ने कहा कि पाकिस्तान तब तक निलंबित रहेगा जब तक पीएफएफ कांग्रेस उन संशोधनों को नहीं कर लेती। 2017 के बाद से यह पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन का तीसरा निलंबन है।
जून 2019 से पाकिस्तान फुटबॉल को फीफा द्वारा नियुक्त सामान्यीकरण समिति द्वारा चलाया जा रहा है। उन्हें चुनाव कराने और फुटबॉल सेट-अप में समानांतर समूहों को खत्म करने का काम सौंपा गया था, लेकिन यह इन योजनाओं को ठीक से निष्पादित करने में विफल रही है।पिछले कुछ समय में सामान्यीकरण समिति के प्रमुख और सदस्य बदल गए हैं, लेकिन पाकिस्तान में खेल में मुख्य मुद्दे अभी भी बने हुए हैं।
सामान्यीकरण समिति का सरकारी पाकिस्तान खेल बोर्ड के साथ विवाद चल रहा है, जिसके कारण संशोधनों में देरी हुई है। इस सप्ताह की शुरुआत में पीएफएफ सामान्यीकरण समिति के अध्यक्ष हारून मलिक ने एक संसदीय पैनल को चेतावनी दी थी कि 15 फरवरी उनके कार्यकाल का आखिरी दिन होगा और अगर पाकिस्तान ने संवैधानिक संशोधनों को लागू नहीं किया तो उसे निलंबन का जोखिम उठाना पड़ सकता है।
मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधन करने का मतलब यह नहीं है कि वह देश की फुटबॉल संचालन संस्था के चुनाव में संभावित उम्मीदवार बन जाएंगे। मलिक ने कहा कि पीएफएफ कांग्रेस फीफा के निर्देशानुसार संशोधन करने को तैयार नहीं थी, जिससे गतिरोध पैदा हो गया।