वर्ल्ड कप से बाहर हो चुके गत चैंपियन स्पेन और ऑस्ट्रेलिया की टीमें क्यूरीटीबा को सोमवार को जब ग्रुप-बी में अपने अंतिम मुकाबले के लिए पहली बार आमने-सामने होंगी तो उनके लिए टूर्नामेंट से सम्मान के साथ विदाई लेने का यह अंतिम मौका होगा।
दक्षिण अफ्रीका में हुए पिछले वर्ल्ड कप (2010) में खिताब जीत चुकी स्पेन ने ब्राजील रवाना होने से पहले नहीं सोचा होगा कि ग्रुप चरण के शुरूआती दौर में ही उसका सफर खत्म हो जाएगा।
पिछले 6 साल से शीर्ष पायदान पर काबिज स्पेन अपने दोनों शुरुआती मैच हारकर अपने ग्रुप में आखिरी स्थान पर है। जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम भी पिछला मैच हारकर बिना किसी अंक के नाकआउट दौर से बाहर हो चुकी है।
टूर्नामेंट के शुरुआत से पहले खिताब के दावेदार माने जा रहे स्पेन को पहले मैच में नीदरलैंड्स ने 5-1 से हराया था जबकि चिली ने उसे 2-0 से हराया था।
हालांकि डच टीम के खिलाफ आखिरी मुकाबले में कंगारुओं ने संघर्ष का जज्बा दिखाया था और वह एक गोल के अंतर से 2-3 से मैच हार गया था।
अब पहले दौर की समाप्ति के बाद दोनों ही टीमों को घर लौटना होगा ऐसे में दोनों ही अभियान खत्म करने से पहले जीत दर्ज कराकर अपने स्वदेश लौटना चाहेंगी।
वर्ष 1998 के बाद यह पहली बार है जब स्पेन वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के ग्रुप चरण से आगे का सफर तय नहीं कर सका है।