फुटबॉल वर्ल्ड कप में सोमवार को ईरान और नाइजीरिया के बीच खेला गया मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर छूटा। यह इस वर्ल्ड कप का पहला ऐसा मैच रहा जो ड्रॉ रहा।
नोवी कपाड़िया इस मैच की समीक्षा करते हुए मानते हैं कि मैच तो बड़ी टक्कर का हुआ और नाइजीरिया ने शुरुआत भी शानदार की। अफ्रीकी टीम को गोल करने के अनेक अवसर भी मिले लेकिन तारीफ करनी होगी ईरान की जिसने उसके सारे हमले बेकार कर दिए।
ईरान को रेजा जैसे खिलाड़ियों का लाभ मिला जो विदेशी लीग खेलते हैं। टीम में इस तरह के तीन-चार अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। इसके अलावा ईरान के खिलाड़ियों के उनके लंबे कद और दमखम का भी लाभ मिला।
यही कारण था कि नाइजीरिया ने जहां भी फिजीकली खेलने की कोशिश की तो ईरान ने उसका बखूबी जवाब दिया। यह भी इत्तेफाक है कि इस मैच से पहले इस वर्ल्ड कप में 42 गोल हो चुके हैं।
12 मैचों में इतने गोल यानी औसत 3 गोल से अधिक हर मैच में। पिछले वर्ल्ड कप में गोल औसत हर मैच में 2.27 था।