फीफा ने सख्त कम उठाते हुए एक फुटबॉलर पर 10 मैचों का प्रतिबंध लगा दिया है, जिस कारण वह अगले साल वर्ल्ड कप में भी नहीं खेल पाएगा।
फुटबॉल की वैश्विक नियामक संस्था फीफा ने क्रोएशिया के डिफेंडर जोसिप सिमुनिच को आइसलैंड के खिलाफ पिछले महीने 19 नवंबर को हुए अंतिम प्लेऑफ मुकाबले के बाद नाजी समर्थक नारे लगाने के कारण 10 मैचों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
साथ ही आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
इस प्रतिबंध के कारण ऑस्ट्रेलिया में जन्में और क्रोएशिया के लिए खेलने वाले सिमुनिच अगले साल ब्राजील में होने वाले वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। क्रोएशिया ने यह मैच 2-0 से जीतकर वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की की थी।
फीफा ने सिमुनिच पर यह प्रतिबंध सोमवार को ही लगा दिया था। उन पर लगे प्रतिबंध का विरोध भी शुरू हो गया है। ऑस्ट्रेलिया के एनबीए स्टार एंड्रयू बोग ने फीफा की आलोचना की है।
फैसले के खिलाफ होगी अपील
फीफा की अनुशासन समिति ने माना कि फुटबॉलर के इस व्यवहार से एक विशेष समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। जिस कारण सिमुनिच को 10 मैचों के लिए प्रतिबंधित किया जाता है।
हालांकि क्रोएशिया के फुटबॉल संघ ने इसे बेहद कड़ी सजा बताते हुए इसके खिलाफ अपील करने का फैसला किया है।
मुकाबले के बाद उत्साहित सिमुनिच ने माइक्रोफोन अपने हाथ में लिया और चार बार कहा, "जा डोम यानि देश के लिए।" इस पर उपस्थित जनसमूह ने जवाब दिया "स्पर्नी यानि तैयार" हैं।
ऐसा नारा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के समर्थक रहे क्रोएशिया में चलता था।
यह नारा क्रोएशिया में नाजी समर्थक उस्ताशा सरकार से जोड़ा जाता है। उस्ताशा ने 1941-45 तक देश पर राज किया था और यहूदियों, सर्बों, ज्यूस और जिप्सियों पर खूब अत्याचार किया और कत्लेआम किया।