कब से हुई रैंकिंग की शुरुआत?
- फीफा ने आधिकारिक तौर पर 'मेंस वर्ल्ड रैंकिंग' की शुरुआत साल 1992 में की थी।
- रैंकिंग सिस्टम लागू होने के बाद से पिछले 8 विश्व कप (1994 से 2022) में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि शीर्ष की चारों टीमें सेमीफाइनल का सफर तय कर सकी हों।
- हर बार कोई न कोई बड़ी टीम ग्रुप स्टेज या नॉकआउट में उलटफेर का शिकार हो जाती थी (जैसे 2022 में नंबर 2 बेल्जियम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी)।
- उत्तरी अमेरिका में हो रहे इस विश्व कप में फ्रांस (नंबर 1), अर्जेंटीना (नंबर 2), स्पेन (नंबर 3), और इंग्लैंड (नंबर 4) ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर यह अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है।
फीफा के नए नियम की वजह से हुआ संभव?
इस बार टॉप-4 टीमों के सेमीफाइनल में पहुंचने के पीछे फीफा द्वारा टूर्नामेंट के ड्रॉ में किया गया एक बड़ा बदलाव भी जिम्मेदार है-
- क्वाड्रेंट सेपरेशन: फीफा ने 2026 विश्व कप के लिए नियमों में बदलाव करते हुए शीर्ष 4 सीडेड टीमों को अलग-अलग क्वाड्रेंट (हिस्सों) में रखा था।
- शर्त और परिणाम: शर्त यह थी कि इन टीमों को अपने-अपने ग्रुप में टॉप करना होगा। इन चारों दिग्गजों ने अपने ग्रुप जीते, जिसके कारण ये सेमीफाइनल से पहले एक-दूसरे से नहीं टकराईं और सभी ने अंतिम-4 में जगह बना ली।
खेल समीक्षकों का मानना है कि जहां यह विश्व कप शुरुआत में बेहद रोमांचक था, वहीं टॉप-4 टीमों के आ जाने से अब यह टूर्नामेंट अपने इतिहास के सबसे प्रेडिक्टेबल (अनुमानित), लेकिन सबसे हाई-क्वालिटी वाले दौर में पहुंच गया है
सेमीफाइनल का पूरा शेड्यूल (भारतीय समयानुसार)
| मुकाबला |
तारीख (IST) |
समय |
वेन्यू |
| फ्रांस बनाम स्पेन |
15 जुलाई |
रात 12:30 बजे |
डलास स्टेडियम, टेक्सास |
| इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना |
16 जुलाई |
रात 12:30 बजे |
अटलांटा स्टेडियम, जॉर्जिया |
भारतीय दर्शकों के लिए दोनों मुकाबले देर रात प्रसारित होंगे। अमेरिकी समय के अनुसार ये मैच 14 और 15 जुलाई की दोपहर/शाम को खेले जाएंगे। भारत में समय आगे होने के कारण यह तारीख 15 और 16 जुलाई की रात (12:30 AM) होगी। स्पोर्ट्स चैनलों पर कवरेज मैच शुरू होने से आधा घंटा पहले उपलब्ध हो जाएगी।
फ्रांस (फीफा रैंकिंग-1): गति और काउंटर-अटैक सबसे बड़ा हथियार
- विश्व की नंबर-1 टीम फ्रांस पूरे टूर्नामेंट में बेहद संतुलित नजर आई है। टीम ने अभी तक कोई मुकाबला नहीं गंवाया है और उसकी सबसे बड़ी ताकत तेज काउंटर-अटैक है।
- किलियन एमबाप्पे इस विश्व कप में आठ गोल कर चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। उनके साथ ओस्मान डेम्बेले और ओलीसे लगातार विपक्षी डिफेंस पर दबाव बना रहे हैं।
- मिडफील्ड में ऑरेलियान चुआमेनी और एडुआर्डो कामाविंगा टीम को मजबूती देते हैं, जबकि गोलकीपर माइक मैनन शानदार फॉर्म में हैं।
किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें?
- किलियम एमबाप्पे (कप्तान और मुख्य फॉरवर्ड - इस टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक आठ गोल दाग चुके हैं)
- ओस्मान डेम्बेले (फॉरवर्ड विंगर)
- ओलीसे (असिस्ट के मामले में अव्वल, डेम्बेले और एमबाप्पे की पूरी मदद करते हैं)
- ऑरेलियान चुआमेनी और एदुआर्डो कामाविंगा (डिफेंसिव मिडफील्ड की रीढ़)
- माइक मैगनन (गोलकीपर)
अर्जेंटीना (फीफा रैंकिंग-2): बड़े मैचों का अनुभव और मेसी का जादू
- मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने एक बार फिर साबित किया है कि दबाव वाले मुकाबलों में उसका अनुभव सबसे बड़ा हथियार है।
- स्विट्जरलैंड के खिलाफ अतिरिक्त समय तक चले मुकाबले में टीम ने धैर्य नहीं खोया और अंततः जीत हासिल की।
- कप्तान लियोनल मेसी लगातार टीम की आक्रमण की धुरी बने हुए हैं। जूलियन अल्वारेज और लौटारो मार्टिनेज निर्णायक मौकों पर गोल कर रहे हैं, जबकि एलेक्सिस मैक एलिस्टर मिडफील्ड को संतुलन दे रहे हैं।गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज का बड़े मैचों में रिकॉर्ड अर्जेंटीना के आत्मविश्वास को और मजबूत बनाता है।
किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें?
- लियोनल मेसी (प्लेमेकर और कप्तान)
- जूलियन अल्वारेज और लौटारो मार्टिनेज (क्वार्टर फाइनल के टर्निंग पॉइंट गोल स्कोरर)
- एलेक्सिस मैकएलिस्टर (मिडफील्ड के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी)
- एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर)
स्पेन (फीफा रैंकिंग-3): 36 मैचों से अजेय, पासिंग गेम का उस्ताद
- मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन इस समय दुनिया की सबसे आकर्षक फुटबॉल खेलने वाली टीमों में शामिल है। टीम लगातार 36 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से अजेय है।
- स्पेन की पहचान उसका 'टिकी-टाका' फुटबॉल है। तेज पासिंग और गेंद पर नियंत्रण के दम पर वह विपक्षी टीम को खेल से बाहर कर देती है।
- युवा स्टार लामिन यमाल लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि रोड्री पूरे मिडफील्ड को नियंत्रित करते हैं। फाबियन रुइज और मिकेल मेरिनो भी शानदार फॉर्म में हैं।
- गोलकीपर उनाई सिमोन ने टूर्नामेंट में लगातार 650 मिनट तक गोल नहीं खाकर नया रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड बेल्जियम के खिलाफ जाकर टूटा।
किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें?
- लामिन यमाल (युवा विंगर - विपक्षी डिफेंस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द)
- रोड्री (मिडफील्ड जनरल - पूरी टीम के गेम को कंट्रोल करने वाले)
- फाबियन रुइज और मिकेल मेरिनो (इन-फॉर्म मिडफील्डर)
- उनाई सिमोन (गोलकीपर - जिन्होंने टूर्नामेंट में लगातार 650 मिनट तक कोई गोल न खाने का नया रिकॉर्ड बनाया)
इंग्लैंड (फीफा रैंकिंग-4): स्टार जनरेशन के सामने ट्रॉफी घर लाने का मौका
- इंग्लैंड ने नॉर्वे को अतिरिक्त समय में हराकर 2018 के बाद पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
- टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका अटैकिंग मिडफील्ड है। जूड बेलिंगहम शानदार फॉर्म में हैं और क्वार्टर फाइनल में दो गोल कर टीम को जीत दिला चुके हैं।
- हैरी केन की कप्तानी और अनुभव इंग्लैंड की सबसे बड़ी पूंजी है।
- एजे, नोनी और बुकायो साका विपक्षी डिफेंस को लगातार चुनौती देते हैं, जबकि जॉर्डन पिकफोर्ड गोलपोस्ट के सामने भरोसेमंद साबित हुए हैं।
- इंग्लैंड की नजर अब 1966 के बाद पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने पर है।
किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें?
- जूड बेलिंगहम (क्वार्टर फाइनल में दो गोल दागकर टीम को जिताने वाले स्टार मिडफील्डर अब तक कुल 7 गोल दाग चुके)
- हैरी केन (कप्तान और वर्ल्ड-क्लास स्ट्राइकर और अब तक 6 गोल दाग चुके)
- डेक्लान राइस और बुकायो साका (बेहतरीन मिडफील्डर और क्रिएटिव विंगर)
- जॉर्डन पिकफोर्ड (गोलकीपर)