पहली बार क्वार्टर फाइनल से पहले ही बाहर हुए ब्राजील और जर्मनी
- विश्व फुटबॉल के दो सबसे बड़े नाम ब्राजील और जर्मनी इस बार क्वार्टर फाइनल तक भी नहीं पहुंच सके। विश्व कप इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब दोनों टीमें एक साथ अंतिम-8 से बाहर हो गई हैं।
- जर्मनी पहले भी 1938, 1950, 2018 और 2022 में क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था, जबकि ब्राजील 1934, 1966 और 1990 में इस चरण से पहले बाहर हो चुका था।
- हालांकि, दोनों दिग्गजों का एक साथ इतनी जल्दी बाहर होना विश्व कप इतिहास में पहली बार देखने को मिला।
चार टीमें पहली बार विश्व चैंपियन बनने की दौड़ में
क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों में से चार पहले ही विश्व कप जीत चुकी हैं। इनमें शामिल हैं-
| टीम |
विश्व कप खिताब |
किस साल चैंपियन बनी |
| अर्जेंटीना |
3 |
1978, 1986, 2022 |
| फ्रांस |
2 |
1998, 2018 |
| इंग्लैंड |
1 |
1966 |
| स्पेन |
1 |
2010 |
वहीं चार टीमें अब भी अपने पहले विश्व कप खिताब का इंतजार कर रही हैं। इनमें शामिल हैं-
- बेल्जियम
- मोरक्को
- स्विट्जरलैंड
- नॉर्वे
बेल्जियम और मोरक्को कभी सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ सके हैं। स्विट्जरलैंड आखिरी बार 1954 में अपने घरेलू विश्व कप में क्वार्टर फाइनल खेला था। वहीं नॉर्वे पहली बार इस दौर में पहुंचा है। अगर इनमें से कोई टीम खिताब जीतती है तो 2010 में स्पेन के बाद पहली बार कोई नया विश्व चैंपियन मिलेगा।
नॉर्वे ने पहली बार रचा इतिहास
- क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों में सिर्फ नॉर्वे ऐसी टीम है जिसने पहली बार इस चरण तक का सफर तय किया है।
- एरलिंग हालंद की अगुआई में नॉर्वे ने प्री-क्वार्टर फाइनल में ब्राजील जैसी मजबूत टीम को बाहर कर इतिहास रचा।
- अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा, जो विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा 10 बार क्वार्टर फाइनल खेलने वाली टीम है।
अन्य टीमों के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड इस प्रकार है-
| टीम |
क्वार्टर फाइनल में
पहुंचने की संख्या |
खास बात |
| इंग्लैंड |
10वीं बार |
क्वार्टर फाइनल खेलने का सबसे ज्यादा अनुभव |
| फ्रांस |
नौवीं बार |
लगातार दूसरी बार अंतिम-8 में |
| अर्जेंटीना |
आठवीं बार |
तीन बार की विश्व चैंपियन टीम |
| स्पेन |
पांचवीं बार |
2010 की विश्व विजेता |
| बेल्जियम |
तीसरी बार |
पहले खिताब की तलाश जारी |
| स्विट्जरलैंड |
तीसरी बार |
लंबे अंतराल के बाद फिर अंतिम-8 में |
| मोरक्को |
दूसरी बार |
लगातार दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम |
| नॉर्वे |
पहली बार |
विश्व कप इतिहास में पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई |
मोरक्को ने अफ्रीकी फुटबॉल के लिए फिर लिखा नया अध्याय
कतर विश्व कप 2022 में मोरक्को पहली अफ्रीकी टीम बनी थी जिसने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। अब उसने एक और इतिहास रच दिया है। मोरक्को लगातार दो विश्व कप में क्वार्टर फाइनल खेलने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गया है। इससे पहले कोई भी अफ्रीकी देश लगातार दो संस्करणों में अंतिम-8 तक नहीं पहुंच पाया था।
यूरोप का दबदबा बरकरार
क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों में छह यूरोप से हैं। इनमें शामिल हैं-
- इंग्लैंड
- फ्रांस
- स्पेन
- बेल्जियम
- स्विट्जरलैंड
- नॉर्वे
इनके अलावा दक्षिण अमेरिका से सिर्फ अर्जेंटीना और अफ्रीका से केवल मोरक्को अंतिम-8 में पहुंचे हैं। यह स्थिति 2018 विश्व कप जैसी ही है, जब छह यूरोपीय टीमें क्वार्टर फाइनल में थीं। 2022 में पांच यूरोपीय टीमें इस दौर तक पहुंची थीं।
ग्रुप विजेताओं का रहा दबदबा
क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों में छह अपनी-अपनी ग्रुप विजेता रही थीं।
- स्विट्जरलैंड (ग्रुप B)
- बेल्जियम (ग्रुप G)
- स्पेन (ग्रुप H)
- फ्रांस (ग्रुप I)
- अर्जेंटीना (ग्रुप J)
- इंग्लैंड (ग्रुप L)
मोरक्को और नॉर्वे अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि इस बार कोई भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीम क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंच सकी।
फ्रांस का 100 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड
- क्वार्टर फाइनल में पहुंची टीमों में फ्रांस एकमात्र ऐसी टीम है जिसने अपने सभी पांच मुकाबले निर्धारित समय (90 मिनट) में जीते हैं।
- अर्जेंटीना ने भी पांच मैच जीते हैं, लेकिन राउंड ऑफ-32 में केप वर्डे के खिलाफ उसे अतिरिक्त समय खेलना पड़ा था।
अन्य टीमों का प्रदर्शन
| टीम |
प्रदर्शन (5 मैच) |
खास बात |
| अर्जेंटीना |
5 जीत, 0 हार |
राउंड ऑफ-32 में केप वर्डे के खिलाफ एक्स्ट्रा टाइम में जीत |
| स्पेन |
4 जीत, 1 ड्रॉ |
अब तक अपराजित |
| इंग्लैंड |
4 जीत, 1 ड्रॉ |
अब तक अपराजित |
| नॉर्वे |
4 जीत, 1 हार |
क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली एकमात्र टीम जिसने मैच गंवाया |
| बेल्जियम |
3 जीत, 2 ड्रॉ |
अब तक अपराजित |
| मोरक्को |
3 जीत, 2 ड्रॉ |
अब तक अपराजित |
| स्विट्जरलैंड |
3 जीत, 2 ड्रॉ |
अब तक अपराजित |
स्पेन की दीवार अभी तक नहीं टूटी
स्पेन इस विश्व कप की सबसे मजबूत डिफेंस वाली टीम साबित हुई है। उसने पांच मैच खेले हैं और अब तक एक भी गोल नहीं खाया है। राउंड ऑफ-32 के जुड़ने के बाद विश्व कप इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि कोई टीम क्वार्टर फाइनल तक बिना गोल खाए पहुंची है। आइए जानते हैं स्पेन के बाद सबसे मजबूत डिफेंस वाली टीमें कौन-कौन सी हैं-
| टीम |
खाए गए गोल |
डिफेंडर्स का प्रदर्शन |
| स्पेन |
0 |
अब तक एक भी गोल नहीं खाया, सबसे मजबूत डिफेंस |
| फ्रांस |
2 |
दूसरा सबसे मजबूत डिफेंस |
| स्विट्जरलैंड |
3 |
शानदार डिफेंसिव प्रदर्शन |
| मोरक्को |
4 |
मजबूत डिफेंस के दम पर अंतिम-8 में |
| इंग्लैंड |
5 |
संतुलित डिफेंस |
| अर्जेंटीना |
5 |
पांच मैचों में पांच गोल खाए |
| बेल्जियम |
5 |
अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बराबर |
| नॉर्वे |
9 |
क्वार्टर फाइनलिस्ट टीमों में सबसे ज्यादा गोल खाए |
अटैक के मामले में अर्जेंटीना और फ्रांस सबसे आगे
गोल करने के मामले में अर्जेंटीना और फ्रांस सबसे आगे हैं। दोनों टीमों ने अब तक 14-14 गोल किए हैं। आइए बाकी टीमों का हाल भी जानते हैं...
| टीम |
किए गए गोल |
आक्रमण रैंकिंग |
| अर्जेंटीना |
14 |
संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा गोल |
| फ्रांस |
14 |
संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा गोल |
| बेल्जियम |
13 |
तीसरा सबसे बेहतरीन आक्रमण |
| नॉर्वे |
12 |
चौथा सबसे ज्यादा गोल |
| इंग्लैंड |
11 |
पांचवें स्थान पर |
| मोरक्को |
10 |
छठा सबसे बेहतर आक्रमण |
| स्पेन |
9 |
संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर |
| स्विट्जरलैंड |
9 |
संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर |
यानी अब तक का सबसे शानदार अटैक अर्जेंटीना और फ्रांस का ही रहा है।
गोल्डन बूट की रोमांचक जंग
- इस बार गोल्डन बूट की दौड़ बेहद रोमांचक हो गई है।
- सबसे आगे लियोनल मेसी हैं, जिन्होंने आठ गोल किए हैं।
- उनके ठीक पीछे किलियन एमबाप्पे और एर्लिंग हालंद सात-सात गोल के साथ मौजूद हैं।
- इसके अलावा हैरी केन छह गोल कर चुके हैं और अभी भी इस दौड़ में बने हुए हैं।
- वहीं जूड बेलिंगहैम और उस्मान डेम्बेले चार-चार गोल के साथ पीछे हैं।
- इस्माइल साइबारी और जोहान मंजाम्बी ने भी तीन-तीन गोल कर अपनी छाप छोड़ी है।