फीफा विश्व कप 2026 में ईरान के गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया। बेइरानवंद ने सात महत्वपूर्ण बचाव किए और मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए। उनके प्रदर्शन के बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने सोशल मीडिया पर उन्हें 'होर्मुज जलडमरूमध्य का रक्षक' बताया। इस नतीजे के बाद ग्रुप-जी में ईरान शीर्ष पर पहुंच गया है और नॉकआउट की उसकी उम्मीदें मजबूत बनी हुई हैं।
फीफा विश्व कप 2026 में जहां बड़े-बड़े सितारे सुर्खियां बटोर रहे हैं, वहीं ईरान के गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद ने ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बेल्जियम जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्होंने गोलपोस्ट के सामने दीवार बनकर खड़े रहते हुए ईरान को 0-0 की बहुमूल्य बराबरी दिलाई।
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मैच के बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बेइरानवंद की एक तस्वीर साझा की, जिसमें उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य की रक्षा करते हुए दिखाया गया। एजेंसी ने याद दिलाया कि विश्व कप से पहले बेइरानवंद ने कहा था, 'मैं ईरानी फैंस से वादा करता हूं कि राष्ट्रीय टीम का गोलपोस्ट होर्मुज जलडमरूमध्य की तरह पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।' बेल्जियम के खिलाफ उनका प्रदर्शन इस वादे को सच साबित करता नजर आया।
बेल्जियम के खिलाफ सात शानदार सेव्स
लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बेल्जियम ने शुरुआत से ही दबाव बनाया। दुनिया की शीर्ष टीमों में शामिल बेल्जियम लगातार हमले करता रहा, लेकिन 33 वर्षीय बेइरानवंद हर बार उसके रास्ते में खड़े मिले। उन्होंने मैच में कुल सात शानदार बचाव किए, जिनमें चार डाइविंग सेव और तीन ऊंची गेंदों पर बेहतरीन नियंत्रण शामिल था। आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने लगभग 1.70 संभावित गोल बचाए। यही वजह रही कि उन्हें 'सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
Ali Beiranvand, goalkeeper of Iran's national team, had promised Iranian fans in an interview before the World Cup matches that he would keep the national team's goal as sealed as the Strait of Hormuz. pic.twitter.com/CklTfuJZts
वीएआर ने छीनी ईरान की बढ़त
ईरान ने सिर्फ बचाव ही नहीं किया, बल्कि जवाबी हमलों में बेल्जियम को परेशान भी किया। 24वें मिनट में मेहदी तारेमी ने शानदार फ्री-किक मूव पर गोल दाग दिया था, लेकिन वीएआर जांच में उन्हें बेहद मामूली अंतर से ऑफसाइड पाया गया और गोल रद्द कर दिया गया। अगर यह गोल मान्य होता तो कहानी और भी बड़ी हो सकती थी।
रेड कार्ड ने बदला मैच का रुख
मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ 66वें मिनट में आया। बेल्जियम के डिफेंडर नाथन नगोय ने तारेमी को गोल की ओर बढ़ते समय फाउल कर दिया, जिसके बाद रेफरी ने उन्हें सीधा रेड कार्ड दिखा दिया। टूर्नामेंट का यह आठवां रेड कार्ड था। इसके बाद बेल्जियम को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा और टीम ने ज्यादा सतर्क रणनीति अपनाई। ईरान ने संख्यात्मक बढ़त का फायदा उठाने की कोशिश की, लेकिन अंतिम क्षणों में गोल नहीं कर सका।
सिर्फ एक अंक नहीं, आत्मविश्वास की जीत
बेल्जियम जैसी दुनिया की शीर्ष टीम को रोकना ईरान के लिए किसी जीत से कम नहीं है। राजनीतिक और यात्रा संबंधी चुनौतियों के बीच खेल रही ईरानी टीम ने लगातार दूसरा ड्रॉ हासिल किया है। इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि जब गोलकीपर असाधारण फॉर्म में हो और पूरी टीम अनुशासित होकर खेले, तो रैंकिंग और प्रतिष्ठा के अंतर मायने नहीं रखते। और इस कहानी के सबसे बड़े नायक रहे अलीरेजा बेइरानवंद, जिन्होंने सचमुच अपने गोलपोस्ट को 'होर्मुज जलडमरूमध्य' की तरह अभेद्य बना दिया।