पहले दोनों मैच में जीत से नाकआउट में जगह सुरक्षित करने वाला क्रोएशिया दूसरे चरण की कड़ी चुनौतियों से पहले अपना विजय अभियान जारी रखना चाहेगी। वहीं, अगर-मगर की डगर में फंसा आइसलैंड उलटफेर के इरादों के साथ विश्व कप ग्रुप डी के आखिरी लीग मैच में कल यहां एक दूसरे का सामना करेंगे।
क्रोएशिया ने फीफा विश्व कप 2018 की शानदार शुरुआत की है। उसने पहले नाईजीरिया और बाद में अर्जेंटीना पर प्रभावशाली जीत से अंतिम 16 में जगह पक्की कर ली है। अब उसकी निगाह विश्व कप 1998 के अपने अभियान की पुनरावृत्ति करने पर टिकी है जब डेवोर सुकर के करिश्माई खेल से टीम सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रही थी। अगले दौर में क्रोएशिया को डेनमार्क या आस्ट्रेलिया से भिड़ना पड़ सकता है। यहां तक कि फ्रांस से भी उसका पाला पड़ सकता है लेकिन इसकी चिंता किये बिना वह कल यहां आइसलैंड को बाहर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।
क्रोएशिया के कोच जाल्को डेलिच हालांकि इस मैच में अपने उन खिलाड़ियों को विश्राम देने पर विचार कर रहे हैं जिन पर पीला कार्ड मिलने पर निलंबन का खतरा मंडरा रहा है। यह अर्जेन्टीना के लिए बुरी खबर हो सकती है जिसे सेंट पीटर्सबर्ग में अपने अंतिम लीग मैच में नाइजीरिया को हराना होगा और उम्मीद करनी होगी कि क्रोएशिया की टीम आइसलैंड के खिलाफ नहीं हारे। ये दोनों मैच एक साथ खेले जाएंगे। मगर आइसलैंड के लिये यह अच्छी खबर कही जाएगी जिसने अपने पहले मैच में अर्जेंटीना को 1-1 से बराबरी पर रोककर सभी को चौंका दिया था। वह अगले मैच में नाईजीरिया से 2-0 से हार गया था लेकिन वह गिल्फी सिगुर्डसन से चमत्कारिक प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा होगा। यह स्टार स्ट्राइकर नाईजीरिया के खिलाफ पेनल्टी पर चूक गया था लेकिन वह उसे भूलकर नये सिरे से शुरूआत करने के लिये प्रतिबद्ध हैं।
आइसलैंड के लिये हालांकि जीत ही पर्याप्त नहीं होगी और उसे अर्जेंटीना और नाईजीरिया के मैच पर ध्यान देना होगा। अगर नाईजीरिया जीत दर्ज करता है तो आइसलैंड बाहर हो जाएगा। अगर अर्जेंटीना ड्रा खेलता या जीत दर्ज करता है तो फिर गोल अंतर के आधार पर अंतिम 16 में पहुंचने वाली टीम का निर्धारण होगा। इन दोनों टीमों के बीच इससे पहले सभी स्तरों पर छह मैच खेले गये हैं जिनमें से चार में क्रोएशिया ने जीत दर्ज की है लेकिन इन दोनों के बीच विश्व कप क्वालीफायर में जो आखिरी मुकाबला हुआ था उसमें आइसलैंड ने 1-0 से जीत दर्ज की थी।