पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर और कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि फीफा विश्व कप 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप होगा। 41 वर्षीय रोनाल्डो इस बार अपने करियर का छठा विश्व कप खेल रहे हैं और पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरे हैं। पुर्तगाल का मुकाबला राउंड ऑफ-16 में स्पेन से डलास में होने वाला है। मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोनाल्डो ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हां यह मेरा आखिरी विश्व कप है। अब इसका आनंद लेना है।'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखे आक्रामक तेवर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोनाल्डो का अंदाज काफी आक्रामक रहा। उन्होंने कुछ पत्रकारों पर उन्हें पसंद न करने का आरोप लगाया। जब पत्रकार ने 41 साल की उम्र में विश्व कप खेलने की सबसे बड़ी चुनौती के बारे में पूछा, तो रोनाल्डो ने तीखा जवाब दिया, 'सबसे मुश्किल काम आप लोगों में से कुछ से बात करना है। खासकर उनसे जो मुझे पसंद नहीं करते। आप उनमें से एक हैं। मुझे सिर्फ एक बार आपका चेहरा देखना होता है और मैं आपको अच्छी तरह याद रखता हूं।'
मैदान पर खेलने के समय को लेकर उठे थे सवाल
ग्रुप चरण के मुकाबलों में रोनाल्डो को पूरे समय मैदान पर बनाए रखने के फैसले पर कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे। हालांकि, क्रोएशिया के खिलाफ राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में उन्हें 81वें मिनट में बदला गया। इस मुकाबले में रोनाल्डो ने पेनल्टी पर गोल किया और पुर्तगाल ने 2-1 से जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई।
अंतरराष्ट्रीय भविष्य पर बाद में करेंगे फैसला
क्रोएशिया के खिलाफ जीत के बाद रोनाल्डो ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर कहा था कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान विश्व कप पर है। उन्होंने कहा, 'अभी भविष्य महत्वपूर्ण नहीं है। जीतें या हारें, उसके बाद परिवार के साथ बैठकर आगे का फैसला करूंगा। अब मैं जल्दबाजी में फैसले नहीं लेता। फिलहाल सिर्फ आज का आनंद लेना चाहता हूं।'
शानदार करियर, लेकिन विश्व कप ट्रॉफी अब भी सपना
रोनाल्डो क्लब फुटबॉल के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड और रियल मैड्रिड के साथ कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके नाम छह बार यूईएफए चैंपियंस लीग जीतने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने पुर्तगाल फुटबॉल टीम को यूईएफए यूरो 2016 का खिताब जिताया, लेकिन फीफा विश्व कप ट्रॉफी अब भी उनके शानदार करियर की सबसे बड़ी अधूरी उपलब्धि बनी हुई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रोनाल्डो अपने आखिरी विश्व कप में पुर्तगाल को पहली बार विश्व चैंपियन बना पाएंगे।