कोरोना वायरस महामारी के कारण दर्शकों की गैरमौजूदगी मे शनिवार को होने वाले इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फाइनल में एटीके और चेन्नईयन एफसी खिताब की हैट्रिक पूरी करने की कोशिश करेंगे। यह दूसरा मौका होगा जब आईएसएल का मैच खाली स्टेडियम में खेला जाएगा।
इससे पहले असम में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में प्रदर्शनों के कारण नार्थईस्ट यूनाईटेड और बंगलूरू एफसी का लीग चरण का मैच गुवाहाटी में बिना दर्शकों के खेला गया था। दोनों क्लब लीग इतिहास में पहली बार फाइनल में आमने-सामने होंगे।
खास बात यह है कि दोनों फाइनल में कभी नहीं हारे हैं। एटीके जहां लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खिताबी मुकाबले में पहुंचा है वहीं चेन्नईयन ने दूसरे चरण के बाद वापसी करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया है। नए मैनेजर ओवेन कोएल ने दिसंबर के शुरू में चेन्नईयन का प्रभार संभाला और तब से टीम ने आठ मैच जीते।
चेन्नईयन के लिए नेरीजुस वाल्सकिस ने 14 गोल दागे हैं। वहीं एटीके की टीम रॉय कृष्णा और डेविड विलियम्स पर निर्भर रहेगी। रॉय ने 15 गोल किए हैं और वह गोल्डन बूट की दौड़ में शामिल हैं। विलियम्स भी इस सत्र में समान रूप से खतरनाक दिख रहे हैं।