ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन (एआईएफएफ) ने आई लीग में मोहन बागान के भाग्य का फैसला करने के लिए एक सदस्यीय कमीशन का गठन कर दिया है। ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के बीच साल्ट लेक स्टेडियम कोलकाता में नौ दिसंबर को हुए मैच में हिंसा के बाद पनपे विवाद की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज अशोक कुमार गांगुली करेंगे।
मोहन बागान पर आरोप है कि उन्होंने 0-1 से पिछड़ने के बाद हिंसा के चलते मैदान पर खेलने की स्थितियां नहीं होने का हवाला देकर आगे मैच खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन पर दो साल के प्रतिबंध की तलवार लटक गई थी। लेकिन मोहन बागान ने इस मामले को अदालत में घसीट लिया। इसके बाद एआईएफएफ ने सावधानी से कदम उठाते हुए एक सदस्यीय कमीशन का गठन किया है।
इससे पहले मोहन बागान का एक मैच स्थगित किया जा चुका है। लेकिन अब 23 दिसंबर को सिक्किम युनाईटेड के साथ मुकाबला होने की उम्मीदें भी काफी कम हैं। फेडरेशन का कहना है कि बागान के मैच स्थगित किए गए हैं इन्हें कमीशन का फैसला आने के बाद निर्धारित किया जाएगा। मामले की सुनवाई 24 दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है, जहां एआईएफएफ के साथ मोहन बागान के अधिकारियों की टीम जस्टिस गांगुली के समक्ष पेश होगी।