पूर्व फुटबॉलर फ्रेंको फोर्टुनाटो ने कहा कि बहुमुखी प्रतिभा के पर्याय चुन्नी गोस्वामी हमेशा भारतीय फुटबॉल के ‘गोल्डन ब्वॉय’ बने रहेंगे। पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और प्रथम श्रेणी क्रिकेटर गोस्वामी का बृहस्पतिवार को निधन हो गया था। वह 1962 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के कप्तान थे। फ्रेंको इसी टीम का हिस्सा थे। उन्होंने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के लिए लिखे अपने कॉलम में याद किया कि कैसे गोस्वामी ने 1962 एशियाई खेलों के दौरान साथी पीके बनर्जी को सैयद अब्दुल रहीम के गुस्से से बचाया था।
उन्होंने लिखा, ‘रहीम-साब मैच के पहले हाफ में पीके के प्रदर्शन से नाराज थे। पीके थोड़े बीमार दिख रहे थे। उन्होंने हाफ टाइम में ड्रेसिंग रूम में उलटी भी कर दी थी। रहीम साब बहुत परेशान थे। कोच ने गुस्से में कहा था, 'मेरी टीम में 18 खिलाड़ी हैं और तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं थी तो तुम्हें मुझे बताना चाहिए था। मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी। पूरी टीम कोच को इतने गुस्से में देखकर सन्न हो गई। लेकिन चुन्नी ने बात संभाली। वह पीके के पास गए और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा रहीम साब, वह हमारा महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। लेकिन आज उसकी तबीयत ठीक नहीं। वह मजबूती से वापसी करेगा। कोच ने चुन्नी की ओर देखा और चले गए। ऐसी थी चुन्नी की शख्सियत।’