स्पेन को ग्रुप चरण में रोका
- स्पेन ने टूर्नामेंट में शानदार वापसी करते हुए अपने बाकी सभी मुकाबले जीते और दूसरी बार विश्व कप फाइनल में जगह बनाई। हालांकि उसका अभियान आसान नहीं रहा।
- ग्रुप चरण में विश्व कप डेब्यू कर रहे केप वर्डे ने स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। उस समय इस नतीजे को बड़ा उलटफेर माना गया था, लेकिन बाद में केप वर्डे के प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि चुनौती देने आया था।
- मजबूत रक्षापंक्ति, अनुशासित मिडफील्ड और गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन ने स्पेन को पूरे 90 मिनट तक गोल करने का मौका नहीं दिया।
अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय तक खींचा
केप वर्डे का सबसे यादगार मुकाबला प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 32) में अर्जेंटीना के खिलाफ रहा। मुकाबले से पहले माना जा रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन आसानी से जीत दर्ज कर लेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
केप वर्डे ने पूरे मैच में अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी और मुकाबले को अतिरिक्त समय तक पहुंचा दिया। आखिरकार अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत दर्ज की, लेकिन फाइनल तक के अपने सफर में यही एकमात्र मैच था जिसमें उसे जीत के लिए 90 मिनट से ज्यादा समय खेलना पड़ा।
टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सरप्राइज टीम
- केप वर्डे इस विश्व कप में पहली बार खेल रहा था। इसके बावजूद टीम ने अपने प्रदर्शन से दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों का दिल जीत लिया। उसने न सिर्फ ग्रुप चरण से आगे का सफर तय किया, बल्कि दो सबसे मजबूत टीमों को भी कड़ी चुनौती दी।
- अब जब स्पेन और अर्जेंटीना विश्व कप फाइनल में आमने-सामने होंगे, तब केप वर्डे के प्रदर्शन को नए नजरिए से देखा जाएगा। यह टीम भले ही ट्रॉफी की दौड़ से बाहर हो गई हो, लेकिन उसने साबित कर दिया कि विश्व फुटबॉल में अब छोटे देशों को हल्के में लेना आसान नहीं है।
- विश्व कप 2026 में केप वर्डे ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में कोई भी दूसरी टीम स्पेन को 90 मिनट में जीतने से नहीं रोक सकी और अर्जेंटीना को भी अतिरिक्त समय तक ले जाने का कारनामा सिर्फ इसी छोटे अफ्रीकी देश ने किया। यही वजह है कि फाइनल में भले ही उसका नाम नहीं होगा, लेकिन उसकी कहानी इस विश्व कप की सबसे यादगार कहानियों में जरूर शामिल रहेगी।