पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील ने विश्व चैंपियन जर्मनी को हराकर ओलंपिक में फुटबॉल का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही ब्राजील ने साल 2014 में जर्मनी के हाथों सेमी फाइनल में मिली 7-1 की करारी हार का बदला भी जर्मनी से चुकता कर लिया है।
फाइनल मैच बेहद रोमांचक रहा, हाई वोल्टेज फाइनल में अंत में स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। मैच का फैसला पेनल्टी शूट आउट से हुआ। पेनल्टी शूट आउट में ब्राजील ने जर्मनी को 5-4 से हरा दिया। मैच के स्टार ब्राजील के कप्तान नेमार रहे। जीत हासिल करने के बाद उनकी आंखों में आंसू आ गए।
साल 2014 में विश्वकप के दौरान वह घायल हो गए थे इस वजह से उनकी टीम का प्रदर्शन खराब रहा था।
मैच के पहले हाफ में नेमार ने 27वें मिनट में गोल कर ब्राजील को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद जवाबी आक्रमण करते हुए विश्व चैंपियन जर्मनी के कप्तान मैक्सीमीलन मेयर ने गोल कर मैच को 1-1 की बराबरी पर ले आए।
इसके बाद मैच एक्सट्रा टाइम तक गया। एक्सट्रा टाइम में भी कोई गोल नहीं हुआ और मैच पेनल्टी शूट आउट तक पहुंच गया।
पेनल्टी शूट आउट में जर्मनी के नील्स पीटरसन स्पॉट किक पर निशाना नहीं लगा सके। जबकि ब्राजील के सभी खिलाड़ियों ने गेंद को गोलपोस्ट पर दागा। इसके साथ ही ब्राजील फुटबॉल में ओलंपिक स्वर्ण पदक हासिल करने में सफल हुआ। सबसे सुखद बात यह रही कि उसे यह सफलता घरेलू सरजमीं पर मिली है।
इससे पहले ब्राजील 1984, 1988 और 2012 में ओलंपिक के फाइनल में जगह बना चुका था लेकिन उसे अब तक फाइनल में जीत हासिल नहीं हुई थी।
अब जर्मनी ही एकमात्र विश्व चैंपियन रह गया है जिसने ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सका है।