दूसरी ओर, सर्गियो लोबेरा की टीम भले ही लीग स्तर पर बेंगलुरू के आगे नहीं टिक सकी थी लेकिन किसी के मन में इस बात को लेकर शंका नहीं है कि यह टीम अगर सर्वश्रेष्ठ खेले तो किसी भी टीम को हरा सकती है।
गोवा के पास मैच में जीत दिलाने वाले खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं। फेरान कोरोमिनास (सत्र में सबसे ज्यादा 16 गोल) और इदु बेदिया ने इस सत्र में शानदार साझेदारी दिखाई है और इस जोड़ी के नाम कुल 23 गोल हैं और 12 गोल करने में मदद कर चुके हैं। टीम को मणिपुर के जैकीचंद सिंह से भी अच्छे खेल की उम्मीद होगी। कोरोमिनास लगातार दूसरे साल गोल्डन बूट के सबसे मजबूत दावेदार है।
बेंगलुरू की टीम में भी स्टार खिलाड़ियों की कमी नहीं है जिसके कारण पिछले दो सत्र में इस टीम ने सबसे निरंतर प्रदर्शन किया है। टीम को एक बार फिर से करिश्माई स्ट्राइकर सुनील छेत्री और मिकू से उम्मीदें होगी। छेत्री ने इस सत्र में नौ गोल किये हैं तो वही मिकू ने पांच गोल दागे हैं।
उदांता सिंह ने भी पांच बार गेंद को गोल पोस्ट में डाला है। बेंगलुरू की एक और मजबूत कड़ी गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू है जिन्होंने इस सत्र में 59 बचाव किये है। वह फाइनल में भी इस प्रदर्शन को जारी रखना चाहेंगे। इनपुट-भाषा