लंदन में आयोजित बैलोन डी'ओर 2026 समारोह में इंग्लैंड के कप्तान और बायर्न म्यूनिख के स्टार स्ट्राइकर हैरी केन ने इतिहास रच दिया। केन ने फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कार पुरुष बैलोन डी'ओर को अपने नाम कर लिया। वह 25 साल बाद इस पुरस्कार को जीतने वाले इंग्लैंड के पहले फुटबॉलर बने। उनसे पहले माइकल ओवेन ने 2001 में यह उपलब्धि हासिल की थी। केन को पिछले सत्र में क्लब और देश के लिए शानदार प्रदर्शन, रिकॉर्डतोड़ गोल और बड़ी ट्रॉफियां जीतने का इनाम मिला।
केन ने पुरस्कार की दौड़ में फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और स्पेन के युवा सनसनी लामिन यमाल को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया। मैनचेस्टर सिटी और बार्सिलोना के लिए खेलने वाले स्पेनिश मिडफील्डर रोड्री चौथे स्थान पर रहे, जबकि अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनल मेसी पांचवें नंबर पर रहे। मेसी रिकॉर्ड आठ बार बैलोन डी'ओर जीत चुके हैं।
महिला वर्ग में स्पेन की एलेक्सिया पुटेलास ने तीसरी बार बैलोन डी'ओर जीतकर अपना नाम इतिहास में दर्ज कराया। बार्सिलोना के साथ शानदार सत्र बिताने वाली पुटेलास ने महिला फुटबॉल के सर्वोच्च व्यक्तिगत सम्मान पर फिर कब्जा जमाया। वह इससे पहले 2021 और 2022 में लगातार यह पुरस्कार जीत चुकी हैं।
हैरी केन
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73 गोल, दो बड़ी ट्रॉफियां और विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन
हैरी केन के लिए 2025-26 का सत्र व्यक्तिगत और टीम उपलब्धियों के लिहाज से यादगार रहा। उन्होंने क्लब और देश के लिए कुल 65 मुकाबलों में 73 गोल किए और आठ असिस्ट भी दिए। उनकी गोल करने की क्षमता ने उन्हें यूरोप के सबसे प्रभावशाली स्ट्राइकरों में शामिल किया। पूरे सत्र में केन ने जर्मनी में गोल करने के कई रिकॉर्ड तोड़े और अपनी टीमों के लिए निर्णायक भूमिका निभाई।
बायर्न म्यूनिख के साथ केन ने बुंडेसलिगा और जर्मन कप का खिताब जीता। जर्मन कप के फाइनल में उन्होंने स्टटगार्ट के खिलाफ हैट्रिक लगाकर टीम की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया। बायर्न के लिए उनकी भूमिका केवल गोल करने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने आक्रमण को दिशा देने, साथियों के लिए मौके बनाने और दबाव के समय टीम का नेतृत्व करने में भी अहम योगदान दिया।
इंग्लैंड के कप्तान के रूप में भी केन ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने फीफा विश्व कप में छह गोल किए और इंग्लैंड के लिए विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बनने के मामले में गैरी लिनेकर को पीछे छोड़ दिया। इस प्रदर्शन के साथ वह विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की शीर्ष पांच की सूची में भी शामिल हो गए।
इंग्लैंड सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हार गया, लेकिन तीसरे स्थान के मुकाबले में उसने एमबाप्पे की फ्रांस को हराकर कांस्य पदक जीता। यह विश्व कप में इंग्लैंड का 60 साल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। टीम के कप्तान के रूप में केन की भूमिका और मैदान पर उनके योगदान ने बैलोन डी'ओर की दौड़ में उनकी दावेदारी को और मजबूत किया।
हैरी केन
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भावुक हुए केन, बोले- मेहनत और आत्मविश्वास से सबकुछ संभव
बैलोन डी'ओर जीतने के बाद 33 वर्षीय केन ने अपनी यात्रा को याद करते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि शीर्ष स्तर तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। शुरुआती दौर में उन्हें संघर्ष करना पड़ा और लगातार मेहनत करके ही उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई।
केन ने कहा, 'जब कोई नहीं देख रहा होता, तब की गई मेहनत, उतार-चढ़ाव से गुजरने, मुश्किलों से सीखने, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ कुछ भी संभव है। मेरा सफर सीधा नहीं था। मैं ऐसा बच्चा नहीं था जो सीधे शीर्ष पर पहुंच गया। मुझे मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। मुझे सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उम्मीद है कि मेरी यात्रा आपको भी प्रेरित करेगी।'
केन ने अपने साथियों, कोचों, माता-पिता, बच्चों और पत्नी केट का आभार जताया। पत्नी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों ने साथ में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और वह हमेशा उनकी सबसे बड़ी समर्थक रही हैं। इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल ने भी केन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की टीम भाग्यशाली है कि उसके पास केन जैसा कप्तान और नेता है। ट्यूशेल के मुताबिक, केन के प्रदर्शन की तारीफ करने के लिए उनके पास लंबे समय से विशेषण कम पड़ रहे थे और अब फुटबॉल जगत ने भी उनके योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता दी है।
हैरी केन
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25 साल बाद इंग्लैंड के खिलाड़ी ने जीता बैलोन डी'ओर
हैरी केन की जीत इंग्लैंड के फुटबॉल इतिहास के लिए भी खास है। इससे पहले 2001 में माइकल ओवेन ने बैलोन डी'ओर जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। उसके बाद से किसी इंग्लिश खिलाड़ी को यह सम्मान नहीं मिला था। आखिरकार 25 साल बाद केन ने इस इंतजार को समाप्त कर दिया।
इस बार समारोह का आयोजन पहली बार लंदन में किया गया। इसकी एक खास वजह बैलोन डी'ओर के पहले विजेता स्टेनली मैथ्यूज की उपलब्धि के 70 साल पूरे होना था। मैथ्यूज ने 1956 में इस पुरस्कार का पहला संस्करण जीता था। इस तरह 2026 का समारोह पुरस्कार के सात दशक पूरे होने के लिहाज से भी ऐतिहासिक रहा।
मेसी और एमबाप्पे
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मेसी पांचवें और एमबाप्पे दूसरे स्थान पर
पुरुष बैलोन डी'ओर की अंतिम रैंकिंग में केन ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि रियल मैड्रिड के फ्रांसीसी स्टार किलियन एमबाप्पे दूसरे नंबर पर रहे। बार्सिलोना के युवा खिलाड़ी लामिन यमाल तीसरे स्थान पर रहे। रोड्री चौथे और आठ बार के विजेता लियोनल मेसी पांचवें स्थान पर रहे। पेरिस सेंट-जर्मेन के ख्विचा क्वारात्सखेलिया छठे और उस्मान डेम्बेले सातवें स्थान पर रहे। मैनचेस्टर सिटी के एर्लिंग हालंद आठवें, बायर्न म्यूनिख के माइकल ओलिसे नौवें और पीएसजी के फाबियान रूइज दसवें स्थान पर रहे।
केन के लिए यह जीत विशेष इसलिए भी है, क्योंकि उन्होंने गोल करने की निरंतरता, टीम के लिए निर्णायक योगदान और कप्तानी की जिम्मेदारी को एक साथ निभाया। वहीं, मेसी का पांचवें स्थान पर रहना दिखाता है कि अनुभवी सितारों के बीच भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों ने इस बार कड़ी चुनौती पेश की।
यमाल
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लगातार तीसरी बार लामिन यमाल ने जीता कोपा ट्रॉफी
बैलोन डी'ओर समारोह में लामिन यमाल खाली हाथ नहीं लौटे। बार्सिलोना और स्पेन के युवा स्टार ने लगातार तीसरे साल पुरुष कोपा ट्रॉफी जीत ली। यह पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी को दिया जाता है। कम उम्र में लगातार शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करने वाले यमाल ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। महिला वर्ग में बार्सिलोना और स्पेन की विकी लोपेज ने महिला कोपा ट्रॉफी जीती। युवा खिलाड़ियों के लिए दिए जाने वाले इन पुरस्कारों ने समारोह में नई पीढ़ी के फुटबॉल सितारों की मौजूदगी को भी रेखांकित किया।
पुटेलास
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एलेक्सिया पुटेलास की हैट्रिक, तीन बार बनीं सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी
महिला बैलोन डी'ओर में एलेक्सिया पुटेलास ने तीसरी बार पुरस्कार जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बार्सिलोना के साथ अपने शानदार सत्र के दौरान कई खिताब जीते, जिनमें महिला चैंपियंस लीग भी शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने स्पेन को पिछले दिसंबर में महिला नेशंस लीग जीतने में भी मदद की।
32 वर्षीय मिडफील्डर अब लंदन सिटी लायनेस से जुड़ चुकी हैं। इससे पहले उन्होंने 2021 और 2022 में लगातार दो बार महिला बैलोन डी'ओर जीता था। इसके बाद घुटने में एसीएल की चोट के कारण उनका करियर प्रभावित हुआ और स्पेन की उनकी साथी आइताना बोनमती ने लगातार तीन बार पुरस्कार जीतकर अपनी पहचान बनाई।
बोनमती ने 2025 में लगातार तीसरी बार महिला बैलोन डी'ओर जीतने की उपलब्धि हासिल की थी, लेकिन पैर टूटने के कारण वह इस साल की अंतिम सूची में शामिल नहीं थीं। ऐसे में पुटेलास की वापसी और तीसरी जीत उनके लिए विशेष मायने रखती है। पुरस्कार हासिल करने के बाद पुटेलास ने युवा खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्यार और जुनून बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'खुद पर विश्वास रखें, यह सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आपका कोई सपना है, तो उसके लिए आगे बढ़ें, भले ही किसी समय आपको शून्य से शुरुआत क्यों न करनी पड़े।'
पीएसजी
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पुरुष और महिला क्लब ऑफ द ईयर भी घोषित
समारोह में व्यक्तिगत पुरस्कारों के अलावा क्लब और कोचिंग से जुड़े सम्मान भी दिए गए। पुरुष वर्ग में पेरिस सेंट-जर्मेन को क्लब ऑफ द ईयर चुना गया, जबकि महिला वर्ग में बार्सिलोना ने यह पुरस्कार जीता। पुरुष वर्ग में स्पेन के लुइस दे ला फुएंते को कोच ऑफ द ईयर का सम्मान मिला। महिला वर्ग में बार्सिलोना के पेरे रोमेउ सर्वश्रेष्ठ कोच चुने गए।
पुरुष वर्ग में उनाई सिमोन ने याशिन ट्रॉफी जीती, जबकि महिला वर्ग में काटा कोल को यह सम्मान मिला। गोलकीपरों के प्रदर्शन को मान्यता देने वाले इन पुरस्कारों ने समारोह में टीम के रक्षात्मक खिलाड़ियों की अहमियत को भी सामने रखा। पुरुष वर्ग में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के लिए दिया जाने वाला गेर्ड मुलर ट्रॉफी पुरस्कार भी हैरी केन के नाम रहा। महिला वर्ग में यह सम्मान चार्लिन कोरल को मिला। वहीं, बुकायो साका ने सोक्रेट्स पुरस्कार जीता, जो फुटबॉल से जुड़ी सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय योगदान को पहचान देता है।
मेसी
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बैलोन डी'ओर 2026: सभी प्रमुख पुरस्कार विजेता
- पुरुष बैलोन डी'ओर: हैरी केन
- महिला बैलोन डी'ओर: एलेक्सिया पुटेलास
- पुरुष कोपा ट्रॉफी: लामिन यमाल
- महिला कोपा ट्रॉफी: विकी लोपेज
- पुरुष याशिन ट्रॉफी: उनाई सिमोन
- महिला याशिन ट्रॉफी: काटा कोल
- पुरुष कोच ऑफ द ईयर: लुइस दे ला फुएंते
- महिला कोच ऑफ द ईयर: पेरे रोमेउ
- पुरुष क्लब ऑफ द ईयर: पेरिस सेंट-जर्मेन
- महिला क्लब ऑफ द ईयर: बार्सिलोना
- पुरुष गेर्ड मुलर ट्रॉफी: हैरी केन
- महिला गेर्ड मुलर ट्रॉफी: चार्लिन कोरल
- सोक्रेट्स पुरस्कार: बुकायो साका
एमबाप्पे और यमाल
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पुरुष बैलोन डी'ओर 2026: टॉप-10 खिलाड़ियों की सूची
| रैंक |
खिलाड़ी |
क्लब |
देश |
| 1 |
हैरी केन |
बायर्न म्यूनिख |
इंग्लैंड |
| 2 |
किलियन एमबाप्पे |
रियल मैड्रिड |
फ्रांस |
| 3 |
लामिन यमाल |
बार्सिलोना |
स्पेन |
| 4 |
रोड्री |
मैनचेस्टर सिटी/बार्सिलोना |
स्पेन |
| 5 |
लियोनल मेसी |
इंटर मियामी |
अर्जेंटीना |
| 6 |
ख्विचा क्वारात्सखेलिया |
पेरिस सेंट-जर्मेन |
जॉर्जिया |
| 7 |
उस्मान डेम्बेले |
पेरिस सेंट-जर्मेन |
फ्रांस |
| 8 |
एर्लिंग हालंद |
मैनचेस्टर सिटी |
नॉर्वे |
| 9 |
माइकल ओलिसे |
बायर्न म्यूनिख |
फ्रांस |
| 10 |
फाबियान रूइज |
पेरिस सेंट-जर्मेन |
स्पेन |
महिला बैलोन डी'ओर 2026: टॉप-10 खिलाड़ियों की सूची
| रैंक |
खिलाड़ी |
क्लब |
देश |
| 1 |
एलेक्सिया पुटेलास |
बार्सिलोना/लंदन सिटी |
स्पेन |
| 2 |
एवा पायोर |
बार्सिलोना |
पोलैंड |
| 3 |
खदीजा शॉ |
मैनचेस्टर सिटी |
जमैका |
| 4 |
मेल्ची डुमोर्ने |
लियोन |
हैती |
| 5 |
पैट्री गुइजारो |
बार्सिलोना |
स्पेन |
| 6 |
कैरोलिन ग्राहम हैनसेन |
बार्सिलोना |
नॉर्वे |
| 7 |
पर्निले हार्डर |
बायर्न म्यूनिख |
डेनमार्क |
| 8 |
क्लाउडिया पीना |
बार्सिलोना |
स्पेन |
| 9 |
एलेसिया रूसो |
आर्सेनल |
इंग्लैंड |
| 10 |
टेम्वा चाविंगा |
कैनसस सिटी करंट |
मलावी |
हैरी केन और लियोनल मेसी
- फोटो : IANS
सात दशक का सफर पूरा, फुटबॉल जगत के लिए ऐतिहासिक समारोह
बैलोन डी'ओर की शुरुआत 1956 में हुई थी और 2026 में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के 70 साल पूरे हुए। इस दौरान फुटबॉल की कई पीढ़ियों ने व्यक्तिगत उपलब्धियों के जरिए अपनी पहचान बनाई। पुरुष और महिला वर्ग की ट्रॉफियां 24 कैरेट सोने से बनाई गई हैं, जो इस सम्मान की विशिष्टता को दर्शाती हैं।
इस बार का समारोह कई मायनों में यादगार रहा। केन ने इंग्लैंड के 25 साल के इंतजार को समाप्त किया, पुटेलास ने तीसरी बार महिला वर्ग का सर्वोच्च व्यक्तिगत सम्मान जीता और यमाल ने लगातार तीसरी कोपा ट्रॉफी अपने नाम की। मेसी और एमबाप्पे की मौजूदगी ने पुरुष वर्ग की प्रतिस्पर्धा को खास बनाया, जबकि क्लब और कोचिंग पुरस्कारों ने पूरे फुटबॉल सत्र में योगदान देने वाले अन्य सितारों को भी सम्मानित किया।
हैरी केन के लिए यह केवल एक व्यक्तिगत पुरस्कार नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष, निरंतरता और नेतृत्व का परिणाम है। एक ऐसे खिलाड़ी की कहानी, जिसने सीधे शीर्ष पर पहुंचने के बजाय मुश्किलों से लड़कर अपनी जगह बनाई और आखिरकार फुटबॉल के सबसे बड़े व्यक्तिगत सम्मान तक पहुंच गया।