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एटीके ने ISL टीमों से वेतन सीमा हटाने का प्रस्ताव दिया

Tue, 28 Jul 2020 09:52 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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आईएसएल - फोटो : social media
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कोरोना वायरस महामारी के बीच इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की तीन बार की चैम्पियन एटीके ने लीग के संचालकों से हर टीम के लिए प्रति सत्र 16.5 करोड़ रूपये की वेतन सीमा को हटाने की मांग की है। देश में इस शीर्ष लीग की मेजबानी करने वाले फुटबॉल खेल विकास लिमिटेड (एफएसडीएल) ने पिछले महीने 10 फ्रेंचाइजी टीमों से 2020-21 सत्र और भविष्य के लिए विदेशी खिलाड़ियों के भाग लेने के बारे में सुझाव मांगा था।

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 वेतन सीमा अधिकतम समग्र खर्च है जो एक खिलाड़ी को टीम में शामिल करने के लिए एक क्लब द्वारा किया जा सकता है और इसमें वार्षिक वेतन, बोनस और हस्ताक्षर शुल्क शामिल हैं। भारतीय फुटबॉल से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) की दिग्गज टीम मैनचेस्टर सिटी की सिटी ग्रुप द्वारा समर्थित मुंबई सिटी एफसी ने भी एटीके के प्रस्ताव का समर्थन किया है। 

सूत्र ने कहा, 'एफएसडीएल की एक महीने पहले क्लबों के साथ बैठक के दौरान वेतन सीमा को हटाने का प्रस्ताव आया था। आईएसएल इसका अध्ययन करेगा आईएसएल के लिए कोई वेतन सीमा नहीं रखना अभी जल्दी होगा लेकिन निकट भविष्य में ऐसा किया जा सकता है।'
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उन्होंने कहा, 'इस मुद्दे पर एटीके का मुंबई सिटी एफसी ने भी समर्थन किया हैं।' इससे जुड़े एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, 'यह दिखाता है कि भारतीय फुटबॉल सही रास्ते पर है और लोग इसमें निवेश करने के लिए तैयार हैं।' इस बारे में जब कोलकाता की टीम एटीके-मोहन बागान से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो रहा है।

उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघु अय्यर ने कहा कि यह गलत है। टीम के एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'वे लीग के लिए आईएसएल के नियमों का पालन करेंगे।' एटीके फ्रेंचाइजी का स्वामित्व संयुक्त रूप से उद्योगपति संजीव गोयनका, हर्षवर्धन नियोतिया, उत्सव पारेख, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली के साथ मोहन बागान फुटबॉल क्लब (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के पास है।

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