19 साल बाद किस्मत ने फिर कराया आमना-सामना
- फुटबॉल में अक्सर महान खिलाड़ी एक-दूसरे के दौर से थोड़ा पहले या बाद में आते हैं। पेले और माराडोना कभी आमने-सामने नहीं खेले। माराडोना और मेसी भी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नहीं भिड़े, लेकिन इस बार किस्मत ने अलग कहानी लिखी है।
- जिस बच्चे को मेसी ने कभी अपनी गोद में संभाला था, वही अब विश्व कप फाइनल में उनके सामने खड़ा होगा।
- एक ओर मेसी हैं, जो अपने महान करियर में एक और विश्व कप जोड़ना चाहते हैं। दूसरी ओर यमाल हैं, जो अपने करियर की शुरुआत में ही दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल खिताब जीतकर नई पीढ़ी के सबसे बड़े सितारे बनने का सपना देख रहे हैं।
जब न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में फाइनल की शुरुआत होगी, तब मैदान पर भावनाओं की जगह सिर्फ फुटबॉल होगी, लेकिन अंतिम नतीजा चाहे जो भी निकले, 19 साल पहले एक प्लास्टिक के टब में खिंची वह तस्वीर हमेशा याद दिलाती रहेगी कि फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं, बल्कि ऐसी कहानियों का नाम है जिन्हें लिखने की ताकत शायद सिर्फ किस्मत के पास होती है।