भारतीय खेल इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब भारतीय टीम किसी टूर्नामेंट में विदेशी झंडे तले खेलने उतरेगी। थाइलैंड में दो से 11 मार्च तक होने वाली एशियन जूनियर और कैडेट चैंपियनशिप में भारतीय फेंसिंग टीम फेंसिंग कॉनफेडरेशन ऑफ एशिया (एफसीए) के बैनर तले खेलेगी। भारतीय खेल इतिहास में यह पहली बार होगा जब भारतीय खिलाड़ी किसी टूर्नामेंट में विदेशी झंडे तले खेलने उतरेंगे।
इंटरनेशनल ओलंपिक संघ (आईओसी) ने पिछले दिसंबर भारतीय ओलंपिक संघ को निलंबित कर दिया था। आईओसी के इस फैसले के बाद इंटरनेशनल फेंसिंग फेडरेशन (एफआईई) ने फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएआई) को निलंबित कर दिया। इस कारण फेंसिंग टीम को इस टूर्नामेंट में शिरकत करने की इजाजत नहीं दी गई थी।
हालांकि बाद में भारतीय खिलाड़ियों को एफसीए के झंडे तले टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति दे दी गई। टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति मिलने के बाद भारतीय खिलाड़ियों के सामने फंड की समस्या खड़ी हुई। ऐसे में खिलाड़ियों ने अपने पैसों पर टूर्नामेंट में शिरकत करने का फैसला किया।
एफएआई सेक्रेटरी संजय प्रधान ने कहा, ‘हमने टूर्नामेंट आयोजकों को अपनी एंट्री भेज दी है। हमने खिलाड़ियों से कह दिया था कि एफएआई के पास उन्हें भेजने के लिए फंड नहीं है इसलिए वह पैसों का खुद ही इंतजाम करें। अब खिलाड़ियों ने हमें सूचना दे दी है कि उन्होंने फंड का इंतजाम कर लिया है।’