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Cristiano Ronaldo: अभी संन्यास लेना नहीं चाहते 37 साल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, इस बड़े टूर्नामेंट पर है नजर

Tue, 13 Dec 2022 09:41 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लिस्बन

सार

रोनाल्डो ने विश्व कप से बाहर होने के बाद इंस्टाग्राम पर पहले एक लंबा पोस्ट लिखा और फिर अब एक इमोशनल स्टोरी शेयर की है। टीम के हारने पर ऐसी खबरें आईं कि रोनाल्डो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
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क्रिस्टियानो रोनाल्डो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फीफा विश्व कप से पुर्तगाल की हार के बाद दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में भविष्य अधर में लटक गया है। मोरक्को के खिलाफ उनकी टीम को हार मिली थी। अफ्रीकी टीम ने पुर्तगाल को 1-0 से हराया था। 37 साल के रोनाल्डो एक बार फिर से विश्व कप के नॉकआउट मैच मे गोल नहीं कर सके। टीम के हारने पर ऐसी खबरें आईं कि रोनाल्डो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वाले रोनाल्डो का इरादा अभी संन्यास लेने का नहीं है। वह 2024 में होने वाले यूरो कप में खेलना चाहते हैं। उनका लक्ष्य अपनी कप्तानी में टीम को दूसरी बार चैंपियन बनाने पर है। वह अपने करियर में विश्व कप तो नहीं जीत पाए। पांच प्रयासों में रोनाल्डो असफल रहे और 2026 में उनका खेलना मुश्किल है।

रोनाल्डो ने शेयर की इंस्टाग्राम पर स्टोरी
रोनाल्डो ने विश्व कप से बाहर होने के बाद इंस्टाग्राम पर पहले एक लंबा पोस्ट लिखा और फिर अब एक इमोशनल स्टोरी शेयर की है। पुर्तगाल के कप्तान ने स्टोरी में बताया है कि वास्तविकता के तीन पहलू हैं: दर्द, अनिश्चितता और निरंतर काम। रोनाल्डो की स्टोरी को देखने के बाद फैंस यह अंदाजा लगा रहे हैं कि यह स्टार खिलाड़ी अभी नहीं रुकेगा और फिर से मैदान पर लौटेगा।

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रोनाल्डो ने क्या लिखा था?
इससे पहले रोनाल्डो ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट पर लिखा था, ''पुर्तगाल के लिए विश्व कप जीतना मेरे करियर का सबसे बड़ा और सबसे महत्वाकांक्षी सपना था। सौभाग्य से मैंने पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिताब जीते, लेकिन अपने देश का नाम दुनिया में सबसे ऊंचे पायदान पर लाना मेरा सबसे बड़ा सपना था। मैं इसके लिए लड़ा। इस सपने के लिए कड़ा संघर्ष किया। 16 वर्षों में विश्व कप के पांच संस्करणों में मैंने हमेशा महान खिलाड़ियों के साथ और उनके समर्थन और लाखों पुर्तगालियों द्वारा समर्थन में खेला। मैंने टीम के लिए अपना सब कुछ मैदान पर न्योछावर कर दिया। मैंने हमेशा लड़ाई की और उससे मुंह नहीं मोड़ा। अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा। अफसोस कल सपना टूट गया।''
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