ईरान में हिजाब के विरोध को लेकर चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में इंग्लैंड के खिलाफ मैच से पहले अपने देश का राष्ट्रगान नहीं गाने वाले ईरानी फुटबालरों को धमकी मिली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनसे कहा गया है कि अगर उन्होंने अमेरिका के मैच से पहले देश का राष्ट्रगान नहीं गाया तो उनके परिवार को न सिर्फ जेल भेजा जाएगा, बल्कि यातनाएं भी दी जाएंगी। हालांकि, ईरान के राज्य प्रसारण प्रमुख पेमैन जेबेली ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में राष्ट्रगान गाने का कोई नियम नहीं है।
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अध्यक्ष पेमैन जेबेली ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "ईरान को हमारे फ़ुटबॉल टीम के खिलाड़ियों द्वारा दोहा में फीफा मैच के दौरान राष्ट्रगान गाने से मना करने से कोई समस्या नहीं है। ईरान में हमारे कुछ निश्चित नियम नहीं हैं। लोग केवल राष्ट्रगान के दौरान खड़े होकर सम्मान दिखाते हैं।"
जेबेली ने पश्चिमी मीडिया पर लगाया यह आरोप
अपनी आधिकारिक यात्रा पर भारत आए आईआरआईबी के अध्यक्ष पेमैन जेबेली ने पश्चिमी मीडिया पर अपना समय बर्बाद करने और ईरान विरोधी कहानियों में बहुत रुचि रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे ईरान के खिलाफ और ईरानी लोगों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए कहानियां बनाते हैं।
रिपोर्ट में क्या कहा गया?
सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरसीजी) ने 21 नवंबर को इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद टीम के सभी 26 फुटबालरों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने फुटबालरों को मैच से पहले फीफा नियमों के तहत राष्ट्रगान गाने के लिए कहा। उनसे कहा गया कि वह अगर ऐसा नहीं करते हैं तो इसका अंजाम उनके परिवार को भुगतना होगा।
आईआरसीजी की पूरी टीम पर है नजर
मैच के बाद आईआरसीजी के कई अधिकारियों को विश्वकप में खेल रही पूरी ईरानी टीम और कोचिंग, सपोर्ट स्टाफ पर नजर रखने के लिए कहा गया। ईरानी फुटबालरों पर विदेशियों और उनके बेस से बाहर के लोगों से बात करने पर पाबंदी लगा रखी है। सूत्र बताते हैं कि आईआरसीजी के बड़ी संख्या में अधिकारी कतर में न सिर्फ सूचनाएं जुटा रहे हैं बल्कि ईरानी फुटबालरों पर नजर रख रहे हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि आईआरसीजी के अधिकारियों ने ईरान के पुर्तगाली कोच कार्लोस कुईरोज के साथ भी अलग से बैठक की। कुईरोज पहले कह चुके हैं कि फुटबालरों को विश्वकप में प्रदर्शन का अधिकार है, हालांकि यह फीफा नियमों के दायरे में होना चाहिए।
ईरानी समर्थक भेजे गए स्टेडियम
दावा यहां तक किया जा रहा है कि इंग्लैंड के खिलाफ राष्ट्रगान नहीं गाए जाने के बाद वेल्स के खिलाफ मैच में बड़ी संख्या में ईरानी सरकार समर्थित समर्थकों को स्टेडियम में भेजा गया, जिससे ईरान और उसकी सरकार के प्रति समर्थन का आभास हो। ईरान में 16 सितंबर को पुलिस नियंत्रण में प्रदर्शनकारी माहसा अमीनी का निधन हो गया था। इसके बाद से देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसका असर विश्वकप में भी दिखाई दे रहा है।