पिछले 56 साल से फीफा वर्ल्ड कप में एक ऐसा रिकॉर्ड भी है जो अपने टूटने का इंतजार आज तक कर रहा है।
पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, अर्जेंटीना के लियोनल मेस्सी, ब्राजील के नेमार, उरुग्वे के लुईस सुआरेज, इंग्लैंड के वाएने रूनी जैसे दिग्गज स्ट्राइकर जब किसी वर्ल्ड कप में मौजूद हों तो सहज ही उम्मीद की जा सकती है कि उस टूर्नामेंट में कोई न कोई नया रिकॉर्ड जरूर बनेगा।
लेकिन, इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि फ्रांस के जस्ट फोंटेन का 1958 के विश्व कप में सर्वाधिक 13 गोल करने का रिकॉर्ड इस बार टूट पाएगा या नहीं।
ब्राजील के करिश्माई स्ट्राइकर रोनाल्डो 2002 में फोंटेन का रिकॉर्ड तोड़ सकते थे लेकिन उनका अभियान 8 गोल तक ही थम गया था।
वर्ल्ड कप की 1930 में शुरुआत हुई थी और पहले ही वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के गुइलेर्मो स्टेबाइल 8 गोल के साथ शीर्ष स्कोरर बने थे। स्टेबाइल के इस रिकॉर्ड को ब्राजील के एडेमिर ने 1950 में अपनी मेजबानी में 9 गोल कर तोड़ा।
अगले ही वर्ल्ड कप में 1954 में हंगरी के सांदोज कोससिस ने 11 गोल कर इसे अपने नाम कर लिया। इसके बाद फोंटेन ने 1958 में 13 गोल ठोककर नया इतिहास रचा जो अब तक कायम है।
हालांकि उनकी टीम सेमीफाइनल में ब्राजील के हाथों 2-5 से परास्त हो गई थी। हालांकि वर्ल्ड कप में ओवरआल सर्वाधिक 15 गोल करने का रिकॉर्ड ब्राजील के रोनाल्डो के नाम है।