अमूमन भारत में होने वाले बड़े आयोजनों में यूं तो सुरक्षा के तमाम इंतजाम होते हैं। लेकिन ऐसे आयोजन कम ही होंगे जिनमें खुद इवेंट का प्रमुख आयोजक, वहां आने वाले वीवीआईपी समेत आयोजन से जुड़े हर व्यक्ति का इलेक्ट्रानिक एक्सेस कार्ड बने। बीआईसी में कुछ ऐसा ही है। यहां बिना एक्सेस कार्ड के जेपी समूह के मालिक को भी प्रवेश नहीं मिल सकता।
दरअसल, दुनिया के किसी भी देश के सर्किट में आयोजित होने वाला फॉर्मूला-1 फेडरेशन इंटरनेशनॉले डी ऑटोमोबाइल (एफआईए) द्वारा नियंत्रित और आयोजित होता है। हर देश में संबंधित एफ-1 सर्किट के प्रमोटर्स इसके आयोजन के लिए स्थान मुहैया कराते हैं। लेकिन एफआईए के सख्त नियमों के आगे किसी की भी नहीं चलती। यहां तक कि अगर किसी सर्किट के मालिक भी वहां बिना आधिकारिक कार्ड के प्रवेश करना चाहें तो नहीं कर सकते।
बीआईसी में जेपी समूह के प्रमुख जयप्रकाश गौड़, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन मनोज गौड़, जेपीएसआई के एमडी और सीईओ समीर गौड़, एफआईए प्रमुख बर्नी एक्लेस्टोन, शाहरुख खान, सचिन तेंदुलकर जैसे सितारे, विजय माल्या, तमाम सांसद-विधायकों जैसे वीवीआईपी मेहमानों को भी सर्किट के विभिन्न स्थानों में प्रवेश के लिए इलेक्ट्रानिक एक्सेस कार्ड की जरूरत होती है।
जेपीएसआई के प्रवक्ता अस्करी जैदी ने बताया कि बीआईसी में आयोजन से जुड़े विभिन्न विभागों से संबंधित व्यक्तियों के लिए एफआईए के पास आयोजन से पहले ही एक एक्रीडेशन फार्म भेजना पड़ता है। जिसमें उसकी समस्त जानकारी के साथ ही फोटोग्राफ लगा होता है। हर व्यक्ति का एक यूनीक एक्सेस कार्ड होता है। हर व्यक्ति हर जगह प्रवेश नहीं कर सकता है। ऐसा करने पर कार्ड ब्लॉक हो जाता है। उन्होंने बताया कि एफआईए सुरक्षा को सर्वाधिक प्राथमिकता में शामिल रखता है।