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ISSF World Cup: ईशा सिंह ने महिला 25 मीटर पिस्टल में जीता स्वर्ण पदक, मनु भाकर को विश्व कप में मिला कांस्य

Mon, 27 Jul 2026 04:18 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझू

सार

भारत की निशानेबाज ईशा सिंह और मनु भाकर ने आईएसएसएफ विश्व कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में क्रमश: स्वर्ण और कांस्य पदक अपने नाम किए।
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मनु भाकर - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत की उदीयमान निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को आईएसएसएफ विश्व कप (राइफल/पिस्तौल/शॉटगन) में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ओलंपिक पदक विजेता हमवतन खिलाड़ी मनु भाकर को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। मनु ने कांस्य पदक जीता और भारत ने इस तरह से इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए। 21 वर्षीय ईशा ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 40 अंक बनाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु ने शूटऑफ जीतकर कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने कुल 28 अंक बनाए।
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क्वालिफाइंग दौर में ही भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया दबदबा
भारतीय खिलाड़ियों ने क्वालिफाइंग दौर से ही अच्छी शुरुआत की। मनु ने 586 अंक बनाकर क्वालिफाइंग में पहला स्थान हासिल किया, जबकि ईशा 585 अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही। इस तरह से इन दोनों ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में आसानी से जगह बनाई। एशियाई खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत ने 582 का स्कोर बनाया, जबकि सिमरनप्रीत कौर बराड़ (576) और अभिदन्या अशोक पाटिल (573) ने केवल रैंकिंग अंकों के लिए (आरपीओ) खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन किया।
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मनु बोलीं- इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा
इस सत्र के शुरू में म्यूनिख विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली ईशा ने कहा, 'पिछली जीत के कारण मुझ पर काफी दबाव था। जब आप अपनी स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपसे काफी उम्मीद की जाती है। मुझे खुशी है कि आज मैं इस दबाव को झेलने में सफल रही।' दूसरी तरफ मनु ने कहा कि इस पदक से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा, मेरे लिए यह पदक बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस तरह की सफलता सीढ़ी का काम करती है। इससे मुझे यह पता चलता है कि मैं किस दिशा में आगे बढ़ रही हूं। इस पदक से निश्चित रूप से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और इसका मुझे विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में फायदा मिलेगा।

ईशा ने इस सत्र के शुरू में म्यूनिख विश्व कप के फाइनल में 43 अंक बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस तरह से उन्होंने अपनी निरंतरता बनाए रखी है जो आगामी प्रतियोगिताओं की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
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