असम के कोकराझार में रविवार को देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट 134वें इंडियनऑयल ड्यूरंड कप का शानदार आगाज हुआ। कोकराझार लगातार तीसरे साल इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। टूर्नामेंट के ग्रुप डी के पहले रोमांचक मैच में आईटीबीपी एफसी ने कार्बी आंगलोंग मोर्निंग स्टार एफसी (केएएमएमएस एफसी) को 2-1 से हरा दिया। इससे पहले पूर्व रंगारंग उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी ) के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो और पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एवं डूरंड कप आयोजन समिति के संरक्षक लेफ्टिनेंट जनरल राम चंदर तिवारी समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति समारोह में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मैच से तीन घंटे पूर्व हुई और शहर के फुटबॉल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
डूरंड कप
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में सैन्य प्रदर्शन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, स्थानीय कलाकारों और देशभर के संगीत व नृत्य रंगारंग कार्यक्रम शामिल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भूटान के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. लोटे शेरिंग और भारतीय फुटबॉल के जीवंत प्रतीक सुनील छेत्री ने भी मंच की शोभा बढ़ाई। राज्य और बोडोलैंड क्षेत्र के नेतृत्व का प्रतिनिधित्व मंत्री उर्खाओ ग्वरा ब्रह्मा, राज्यसभा सांसद रवंगव्रा नारजारी, लोकसभा सांसद जयंता बसुमतारी सहित कई नेताओं ने किया। सैन्य नेतृत्व की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल गम्भीर सिंह, मेजर जनरल राजेश अरुण मोगे, मेजर जनरल रोहिन बावा और ब्रिगेडियर अक्षय कपूर उपस्थित रहे।
डूरंड कप
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इस मौके पर प्रमोद बोरो ने कहा, कोकराझार में फुटबॉल ने एकता का माध्यम बनकर एक नई कहानी लिखी है। युवाओं को आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का रास्ता देने का यह मंच हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। खेलों ने बोडोलैंड से हिंसा को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई है। मैं भारतीय सशस्त्र बलों और आयोजन समिति को धन्यवाद देता हूं।
डूरंड कप
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सुनील छेत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, खेलों में जो सपना देखना है, वह दूर नहीं है। खेल ही वह शक्ति है जो किसी भी स्थान को बदल सकता है और फुटबॉल देश में यह भूमिका निभाने के लिए सबसे उपयुक्त खेल है। इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाइए। समारोह में हॉट एयर बलून डिस्प्ले, भंगड़ा, कुत्तों का शो, कई जुगलबंदी, बदलुराम का बदन गीत की भावुक प्रस्तुति, और जॉय बरुआ एंड बैंड की सजीव धुनों ने दर्शकों को बांधे रखा। इसके बाद असम की पारंपरिक नृत्य शैलियों, बागुरुम्बा, बिहू, बारद्वी सिखला और दहाल थुंगरी ने स्टेडियम को लोक रंगों से सराबोर कर दिया। भारतीय सेना की पैरामोटर टीम और आईएएफ के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों की फ्लाई पास्ट ने दर्शकों को रोमांचित किया। गीताश्री ने लोकप्रिय फुटबॉल एंथम “वाका वाका” पर प्रस्तुति दी, जबकि गोरखा रेजीमेंट ने अपनी मशहूर खुकरी कौशल का प्रदर्शन किया। समापन में चेंडा ड्रमर्स, कलारीपयट्टू (केरल की युद्धकला) और पश्चिम बंगाल के छाऊ नृत्य ने समां बांधा।
पहले मैच में आईटीबीपी एफसी ने केएएमएमएस एफसी को 2-1 से हराया
134वें इंडियनऑयल ड्यूरंड कप के ग्रुप डी मुकाबले में इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस एफसी (आईटीबीपी एफसी) ने एक कड़े मुकाबले में कार्बी आंगलोंग मोर्निंग स्टार एफसी (केएएमएमएस एफसी ) को 2-1 से शिकस्त दी। यह मुकाबला कोकराझार के एसएआई स्टेडियम में रंगारंग उद्घाटन समारोह के बाद खेला गया। इस वर्ष ग्रुप डी में मोर्निंग स्टार एफसी और आईटीबीपी के अलावा बोडोलैंड एफसी और पंजाब एफसी (आईएसएल) भी शामिल हैं। कुल 7 मैच, जिनमें एक नॉकआउट मुकाबला भी होगा, एसएआई स्टेडियम में खेले जाएंगे और फुटबॉल प्रेमी कोकराझार के सभी मैचों में खचाखच भीड़ की उम्मीद है।