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डोपिंग के खिलाफ NADA का बड़ा एक्शन: डिस्कस थ्रोअर बनवीर पर सात साल का प्रतिबंध, धावक हरेंद्र फिर हुए निलंबित

Thu, 21 May 2026 05:31 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डिस्कस थ्रोअर बनवीर सिंह पर डोप टेस्ट में फेल होने के बाद नाडा की अपील पैनल ने सात साल का प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं लंबी दूरी के धावक हरेंद्र कुमार को भी डोपिंग मामले में दूसरी बार चार साल के लिए निलंबित किया गया है।

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डोपिंग - फोटो : अमर उजाला/AI
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विस्तार
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भारतीय एथलेटिक्स में डोपिंग के मामलों पर सख्ती जारी है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) की अपील पैनल (एडीएपी) ने डिस्कस थ्रोअर (चक्काफेंक एथलीट) बनवीर सिंह पर सात साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पहले नाडा की एंटी-डोपिंग डिसिप्लिनरी पैनल (एडीडीपी) ने उन्हें पांच साल के लिए निलंबित किया था।
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स्टेरॉयड सेवन में फंसे बनवीर सिंह
37 वर्षीय बनवीर सिंह डोप टेस्ट में प्रतिबंधित स्टेरॉयड मेथैंडीनोन के सेवन के दोषी पाए गए थे। एडीडीपी ने दिसंबर 2024 में उन पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया था, जो 23 दिसंबर 2024 से प्रभावी था। हालांकि, बाद में मामले की समीक्षा करते हुए एडीएपी ने उनकी सजा बढ़ाकर सात साल कर दी। नाडा ने फिलहाल सजा बढ़ाने के पीछे की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की है।

पहले से भी चल रहा था प्रतिबंध
बनवीर सिंह पहले ही 'वेयरअबाउट्स फेल्योर' के मामले में दो साल की अयोग्यता झेल रहे थे। 12 महीनों के भीतर तीन बार अपनी लोकेशन संबंधी जानकारी सही तरीके से उपलब्ध नहीं कराने के कारण उन पर यह कार्रवाई हुई थी। यह प्रतिबंध 22 दिसंबर 2025 तक लागू है।

करियर में नहीं बना सके खास पहचान
बनवीर सिंह का एथलेटिक्स करियर ज्यादा सफल नहीं रहा। साल 2022 में भुवनेश्वर में आयोजित इंडियन ग्रां प्री में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था, जो उनके करियर का सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन माना जाता है। इसके अलावा वह कभी शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सके।

हरेंद्र कुमार पर दूसरी बार कार्रवाई
इसी बीच लंबी दूरी के धावक हरेंद्र कुमार को भी नाडा ने चार साल के लिए फिर से निलंबित कर दिया है। उनका नया प्रतिबंध 2 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। हरेंद्र इससे पहले भी डोपिंग के मामले में दोषी पाए जा चुके हैं। वर्ष 2022 में प्रतिबंधित पदार्थ डार्बेपोएटिन (डीईपीओ) के सेवन के कारण उन्हें चार साल का बैन मिला था, जो 3 अगस्त 2022 से लागू हुआ था।

भारतीय खेलों में डोपिंग चिंता का विषय
हाल के वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स में डोपिंग के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। नाडा और अन्य एजेंसियां खिलाड़ियों पर निगरानी और कार्रवाई को और सख्त कर रही हैं, ताकि खेलों की निष्पक्षता बनाए रखी जा सके।
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