भारतीय पहलवान दीपक पूनिया और उदित अपने पहले एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप खिताब से एक कदम दूर हैं, जबकि दिनेश और मुकुल दहिया कांस्य पदक की दौड़ में शामिल हैं। भारतीय पहलवानों ने इस चैंपियनशिप के अंतिम दिन रविवार को शानदार प्रदर्शन किया है। प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि दीपक और उदित स्वर्ण के साथ अपने अभियान का समापन करें।
ईरानी पहलवान से होगा दीपक का सामना
पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके 25 वर्षीय दीपक ने 92 किग्रा वर्ग में बेकजात राखिमोव के खिलाफ शानदार वापसी की। दीपक को क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान के प्रतिद्वंद्वी से कड़ी टक्कर मिली लेकिन वह 12-7 से जीत दर्ज करने में सफल रहे। इसके बाद दीपक ने सेमीफाइनल में जापान के ताकाशी इशिगुरो को 8-1 से हराया। दीपक फाइनल में विश्व के नंबर एक ईरान के अमीरहुसैन बी फिरोजपोरबांदेपेई से भिड़ेंगे। दीपक ने एशियाई चैंपियनशिप में चार पदक जीते हैं। वह 2021 और 2022 में फाइनल में हार गए थे, जबकि उन्होंने 2019 और 2020 में कांस्य पदक जीते थे।
उदित ने जगाई स्वर्ण की उम्मीद
दूसरी ओर, उदित ने पुरुषों के 61 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण पदक की उम्मीद जगाई। उन्होंने किर्गिस्तान के बेकबोलोट मिर्जानजार उलु को 9-6 से हराने के बाद चीन के वानहाओ झोउ को 2-0 से शिकस्त दी। उदित ने पिछले साल रजत पदक जीता था, लेकिन इस बार उनकी नजरें स्वर्ण जीतने पर होंगी। भारत के एक अन्य पहलवान दहिया ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया और लगातार दो मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल की बाधा नहीं पार कर सके दहिया-दिनेश
सिंगापुर के वेंग लुएन गैरी चाउ को दहिया ने बिना अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराने के बाद किर्गिस्तान के दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी मुहम्मद अब्दुल्लाव को 3-1 से शिकस्त दी। सेमीफाइनल में दहिया का मुकाबला ईरान के दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी अबुलफजल वाई रहमानी फिरौजाई से हुआ। दहिया ने यह मुकाबला तकनीती श्रेष्ठता के आधार पर गंवाया। दिनेश भी हेवीवेट 125 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए थे जिन्होंने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर चीन के बुहीरदुन हराया था। हालांकि, उन्हें भी सेमीफाइनल में मंगोलिया के लखागवागेरेल मुंखतुर के हाथों 1-5 से हार का सामना करना पड़ा।