भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश विश्व शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले सबसे कम उम्र के विजेता बन गए। गुरुवार को उन्होंने 14वें और अंतिम दौर में चीन के डिंग लिरेन को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला ड्रॉ की तरफ बढ़ता दिख रहा था कि तभी लिरेन की एक गलती उनके लिए भारी पड़ गई और गुकेश को जीत दिला गई। गुकेश ने 18 वर्ष की उम्र में विश्व शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस मामले में उन्होंने गैरी कास्परोव को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 22 वर्ष की आयु में यह खिताब अपने नाम किया था।
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डी गुकेश
- फोटो : PTI
सबसे कम उम्र में खिताब जीतने वाले युवा बने गुकेश
गुकेश यह खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले 2007 में विश्वनाथन आनंद ने विश्व चेस चैंपियनशिप में जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2007, 2008, 2010, और 2012 में टाइटल अपने नाम किया था। आनंद ने 38 वर्ष की उम्र में पहली बार इस खिताब पर कब्जा जमाया था। अब गुकेश ने उन्हें पीछे छोड़ दिया है। वह सबसे युवा विश्व चेस चैंपियन बन गए हैं।
गुकेश
- फोटो : अमर उजाला
यहां हम आपको गुकेश और आनंद की उपलब्धियों की जानकारी दे रहे हैं। दोनों ने 18 वर्ष की उम्र तक किन-किन खिताबों पर कब्जा जमाया, यहां पढ़िए...
गुकेश डोम्माराजू की उपलब्धियां 2015: एशियन स्कूल चेस चैंपियनशिप (अंडर-9) जीती। 2018: विश्व कैडेट चेस चैंपियनशिप (अंडर-12) जीती। 2019: 12 की उम्र में अंतरराष्ट्रीय मास्टर (आईएम) खिताब जीता। विश्व स्तर पर सबसे युवा आईएम बनने का रिकॉर्ड बनाया। 2021: 14 साल और सात महीने की उम्र में ग्रैंडमास्टर (जीएम) खिताब जीता। 2022: चेस ओलंपियाड में भारत की टीम को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
व्यक्तिगत बोर्ड प्रदर्शन पर स्वर्ण पदक जीता। मेमोरियल जूलियस बेर कप: विजेता। 2023: टाटा स्टील चैलेंज में शानदार प्रदर्शन किया। इसी साल विश्व स्तर पर सुपर ग्रैंडमास्टरों के खिलाफ जीत दर्ज की। 2024: विश्व चेस चैंपियनशिप का खिताब जीता।
विश्वनाथन आनंद
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विश्वनाथन आनंद की 18 साल तक की प्रमुख उपलब्धियां 1983 (14 वर्ष की उम्र): राष्ट्रीय सब-जूनियर चेस चैंपियनशिप का खिताब जीता। 1984 (15 वर्ष की उम्र): राष्ट्रीय जूनियर चेस चैंपियनशिप का खिताब जीता। 1985 (16 वर्ष की उम्र): राष्ट्रीय जूनियर चेस चैंपियनशिप का खिताब लगातार दूसरी बार जीता। 1986 (16 वर्ष की उम्र): अंतरराष्ट्रीय मास्टर (आईएम) टाइटल का खिताब जीता। 1987 (17 वर्ष की उम्र): विश्व जूनियर चेस चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। 1988 (18 वर्ष की उम्र): ग्रैंडमास्टर (जीएम) टाइटल हासिल किया और भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने।