तेज रफ्तार के लिए मशहूर नोएडा एक्सप्रेस वे भारतीय साइकिलिंग टीम को ट्रेनिंग कराने का खामियाजा नेशनल कोच की जान गंवाकर भुगतना पड़ा है।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय रायडर व भारतीय टीम की कोच रूमा चटर्जी को मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे ट्रेनिंग के दौरान तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने चपेट में ले लिया। उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
रूमा जूनियर रायडरों के पीछे मोटरसाइकिल पर थीं। उन्हें कार ने पीछे से चपेट में लिया।
इस घटना के बाद रायडरों में दहशत का माहोल है। ज्यादातर रायडर दिल्ली के स्थान पर किसी अन्य जगह पर कैंप आयोजित करने की मांग रखने जा रहे हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में वर्ल्ड साइकिलिंग चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए कैंप चल रहा है। सुबह के सत्र में ट्रैक व रोड दोनों इवेंटों के रायडरों को रोड प्रैक्टिस कराई जाती है।
इसके लिए नोएडा एक्सप्रेस वे चुना गया है। कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर एशियाई चैंपियनशिप तक भारतीय टीम के साथ रहीं रूमा जूनियर रायडरों को ट्रेनिंग करा रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शी रायडरों ने बताया कि वह उनके पीछे बिलकुल बाएं हाथ पर थीं। तेजी से आ रही कार ने उन्हें इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह 15 फुट की ऊंचाई तक उछलकर नीचे गिरीं।
उन्हें कैलाश अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
कुछ माह पहले एक अन्य कोच का इसी एक्सप्रेस वे पर सड़क दुर्घटना में हाथ टूट गया था। लेकिन साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का मानना है कि दिल्ली में एक्सप्रेस वे ही ट्रेनिंग के लिए सबसे सुरक्षित है।
50 साल की रूमा के परिवार में उनकी बूढ़ी मां के अलावा छोटी बहन है। उन्होंने शादी नहीं करते हुए अपना जीवन साइकिलिंग को समर्पित कर दिया था।
फेडरेशन उनके शव को कोलकाता ले जा रही है। फिलहाल कैंप यहां से शिफ्ट करने का निर्णय नहीं लिया गया है। लेकिन रायडरों के दबाव पर इसे पटियाला या अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है।