किंग्स बैटन रिले की परंपरा भी होगी शुरू
कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे प्रतिष्ठित परंपराओं में शामिल किंग्स बैटन रिले भी इसी समारोह से शुरू होगी। यह रिले कॉमनवेल्थ के सभी 74 देशों और क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। पहली बार प्रत्येक भाग लेने वाले देश और क्षेत्र को अपना अलग बैटन मिलेगा, जिससे वे अपनी संस्कृति और विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे। हर बैटन में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय का संदेश भी शामिल होगा।
आयोजकों ने बताया ऐतिहासिक अवसर
ग्लास्गो 2026 की चीफ मार्केटिंग एवं सेरेमनी अधिकारी लुईसा महोन ने कहा, 'यह हैंडओवर सिर्फ एक औपचारिक परंपरा नहीं है, बल्कि भारतीय सितार और स्कॉटिश पाइप के संगम के जरिए दो देशों की भावना को एक मंच पर लाने का अवसर है। साथ ही 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ का भी उत्सव मनाया जाएगा।'
वहीं, ग्लास्गो 2026 के सेरेमनी डायरेक्टर चंदा सिंह ने कहा, 'अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का 100वां वर्ष होगा। ग्लास्गो में होने वाला यह समारोह उस ऐतिहासिक यात्रा का पहला अध्याय साबित होगा और दुनिया को एक ऐसे भारत की झलक देगा, जो अपनी परंपराओं से जुड़ा होने के साथ भविष्य की ओर आत्मविश्वास से बढ़ रहा है।'