गायक-संगीतकार शंकर महादेवन और बॉलीवुड अभिनेत्री रश्मिका मंदाना दो अगस्त को राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में भारत की सांस्कृतिक प्रस्तुति में आकर्षण का केंद्र होंगे। इसी दिन देश आधिकारिक तौर पर अहमदाबाद में होने वाले 2030 के शताब्दी संस्करण के मेजबान के रूप में ध्वज प्राप्त करेगा। समापन समारोह में राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज औपचारिक रूप से भारत को सौंपा जाएगा जो अगले मेजबान को जिम्मेदारी सौंपने का प्रतीक होगा।
पीएम मोदी भी हो सकते हैं शामिल
भारत की प्रस्तुति लगभग 20 मिनट तक चलेगी और इसमें संगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रदर्शनों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दिखाया जाएगा जो 2030 के खेलों की एक झलक पेश करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समारोह में शामिल होने की उम्मीद है जहां भारत खेलों के अगले सत्र की मेजबानी की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से स्वीकार करेगा।
राष्ट्रमंडल खेल 2030 अहमदाबाद में आयोजित किए जाएंगे जिससे यह 2010 में नई दिल्ली के बाद दूसरी बार होगा जब भारत इस बहु खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। समापन समारोह में ग्लास्गो के रॉक बैंड सिंपल माइंड्स का प्रदर्शन भी होगा।
23 जुलाई से होगा आयोजन
राष्ट्रमंडल खेल 2026 बेहद करीब हैं और इस बार ग्लासगो में भारत का प्रतिनिधित्व 125 एथलीट करेंगे। 23 जुलाई से शुरू हो रही इस बहु-खेल प्रतियोगिता में 77 पुरुष और 48 महिला एथलीट पैरा-स्पोर्ट्स सहित कुल 13 खेल स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। एथलेटिक्स से सबसे ज्यादा 32 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इसके बाद मुक्केबाजी (14), जूडो (14) और भारोत्तोलन (12) का नंबर आता है। मालूम हो कि 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 210 एथलीट भेजे थे और कुल 61 पदक अपने नाम किए थे।
भारत की ध्वजवाहक कौन होंगी?
भारतीय ओलंपिक संघ ने मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को संयुक्त रूप से भारतीय दल का ध्वजवाहक बनाया है। दो महिला खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी मिलना भारतीय खेलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है।