ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के लिए चौथा दिन यादगार रहा। एक ओर मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, तो दूसरी ओर पोडियम पर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। मीराबाई ने बताया कि यह खुशी वर्षों के त्याग, चोटों और मानसिक संघर्ष का परिणाम थी। वहीं पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले राजा मुथुपांडी ने स्वर्ण से चूकने का अफसोस जताया और अपनी सफलता माता-पिता तथा कोच विजय शर्मा को समर्पित करते हुए भावुक बयान दिया। दोनों भारतीय भारोत्तोलकों के ये शब्द उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी खुद बयां करते हैं।