राष्ट्रमंडल खेल 2026 के दूसरे दिन भारत पैरा पावरलिफ्टिंग में पदक लाने से चूक गया। भारत के लिए अशोक मलिक और परमजीत कुमार पदक की दौड़ में थे, लेकिन पुरुषों की लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत की चुनौती का अंत निराशाजनक रहा। दोनों भारतीय पैरा पावरलिफ्टर पदक जीतने से चूक गए। वहीं, महिला लाइटवेट वर्ग में भी भारत खाली हाथ रहा। अशोक अपने अंतिम प्रयास में 205 किग्रा का भार उठाने में असफल रहे और चौथे स्थान पर रहे। हालांकि, उन्होंने 200 किग्रा का अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत भार उठाकर 143.8 अंक हासिल किए।
परमजीत सातवें स्थान पर रहे
वहीं, परमजीत कुमार छठे स्थान पर रहे। उनका अंतिम 179 किग्रा का प्रयास नो लिफ्ट (असफल) करार दिया गया, जिसके बाद उनका सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट 176 किग्रा रहा और उन्हें 135.6 अंक मिले। इस स्पर्धा में इंग्लैंड के मार्क स्वान ने स्वर्ण पदक जीता और नाइजीरिया के रोलैंड एज़ुरुइके को रजत पदक मिला। दोनों के ही एक समान 153.9 अंक रहे। मलयेशिया के बोनी बूनयाउ गुस्टिन ने 153.5 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने अशोक के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 200 किग्रा लिफ्ट के बावजूद उन्हें 9.7 अंकों के से पीछे छोड़ दिया।
जसप्रीत दमदार प्रदर्शन के बावजूद चूकीं
महिला पैरा पावरलिफ्टिंग लाइटवेट वर्ग में भारत के पदक की उम्मीद समाप्त हो गई। जसप्रीत कौर ने ग्रुप बी में शानदार प्रदर्शन किया और शीर्ष पर रहीं, लेकिन ग्रुप ए की स्टैंडिंग के बाद वह पिछड़ गईं। जसप्रीत 96.4 अंक के साथ छठे स्थान पर रहीं। वहीं, भारत की एक अन्य खिलाड़ी सुमन देवी 88.4 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहीं। जसप्रीत कौर ने महिला पैरा पावरलिफ्टिंग के ग्रुप बी में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तीसरे प्रयास में सफलतापूर्वक 100 किलो वजन उठाया। जसप्रीत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है और वह अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहीं। लेकिन दमदार प्रदर्शन के बावजूद वह पदक नहीं जीत सकीं।