पहले गेम में मलेशियाई खिलाड़ी ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने लक्ष्य सेन को थकाने की कोशिश की और स्मैश पर स्मैश लगाए। हालांकि, भारत के लक्ष्य सेन ने कड़ी चुनौती पेश की और एंग जे योंग को आसानी से नहीं जीतने दिया। मलेशियाई खिलाड़ी ने पहला गेम 21-19 से जीता। लक्ष्य ने पहले गेम में कई अनफोर्स्ड एरर्स किए, जिसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ा।
बाएं से- एंग जे योंग (रजत), लक्ष्य (स्वर्ण) और श्रीकांत (कांस्य)
दूसरे गेम में लक्ष्य ने सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआत में जे योंग ने बढ़त तो हासिल की, लेकिन लक्ष्य ने स्कोर पहले 6-6 से बराबर किया। फिर धीरे-धीरे लीड लेने लगे। इसके बाद मलेशियाई खिलाड़ी सिर्फ नौ अंक तक पहुंच सका। वहीं, लक्ष्य ने 15 अंक हासिल करते हुए दूसरा गेम अपने नाम कर लिया। लक्ष्य ने दूसरा गेम एकतरफा अंदाज में 21-9 से जीत लिया। इस तरह स्कोर एक-एक गेम से बराबर हो गया और मैच निर्णायक तीसरे गेम में पहुंचा।
तीसरे और निर्णायक गेम में लक्ष्य ने बेहतरीन शुरुआत की। पहले उन्होंने 11-8 से बढ़त बनाई। इसके बाद दोनों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। हालांकि, लक्ष्य ने इसके बाद स्मैश पर स्मैश लगाए और मलेशियाई खिलाड़ी को कोर्ट पर ढेर कर दिया। लक्ष्य सेन ने तीसरा गेम 21-16 से अपने नाम किया।
लक्ष्य सेन के लिए पिछला एक साल शानदार गुजरा है। 2021 में हुएल्वा में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेन्स सिंगल्स में लक्ष्य ने कांस्य पदक जीता था। उन्हें किदांबी श्रीकांत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, इसके बाद लक्ष्य ने थॉमस कप में मेन्स टीम के साथ स्वर्ण पदक जीता था। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में लक्ष्य ने पुरुष एकल में स्वर्ण और मिक्स्ड टीम के साथ रजत पदक जीता।
इससे पहले लक्ष्य मनीला में हुए एशिया टीम चैंपियनशिप्स में कांस्य पदक जीत चुके हैं। वहीं, 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए यूथ ओलंपिक गेम्स में लक्ष्य ने रजत पदक जीता था। 2018 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप्स में उन्होंने कांस्य अपने नाम किया था। एशियन जूनियर चैंपियनशिप्स में 2018 में लक्ष्य ने स्वर्ण और 2016 में कांस्य जीता था।