निशानेबाज प्रकाश नंजप्पा ने ग्लासगो में चल रहे 20वें राष्ट्रमंडल गेम्स में अपनी चमक बिखेरते हुए पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्द्धा में भारत को रजत पदक दिलाया।
शनिवार को खेले गए इस बेहद ही रोमांचक मुकाबले में हालांकि नंजप्पा के पास स्वर्ण पदक जीतने का भी बेहतरीन अवसर था लेकिन निर्णायक मौके पर ऑस्ट्रेलियाई निशानेबाज डेनिएल रेपाचोली उनसे आगे निकल गए।
रेपाचोली ने 199.5 अंक हासिल किए जबकि नंजप्पा ने 198.2 अंक बटोरे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नंजप्पा का यह अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इससे पहले 2013 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में नंजप्पा ने 10 मीटर एयर पिस्टल में ही कांस्य पदक हासिल किया था। इस स्पर्द्धा में इंग्लैंड के माइकल गौल्ट ने 176.5 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
भारत का ग्लासगो में 11वां पदक
भारत का शूटिंग में यह दूसरा और ग्लासगो में कुल 11वां पदक है। बंगलुरू के 38 वर्षीय नंजप्पा और रेपाचोली के बीच अंतिम शॉट तक जबरदस्त मुकाबला हुआ।
भारतीय निशानेबाज इस स्पर्धा के क्वालीफाइंग में 580 अंकों के साथ शीर्ष पर रहे थे जबकि रेपाचोली 574 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे।
एक अन्य भारतीय निशानेबाज ओम प्रकाश क्वालिफिकेशन में 568 अंक जुटाकर नौंवे स्थान पर रहे और एक अंक के अंतर से फाइनल में पहुंचने से चूक गए।
कांटे का रहा मुकाबला
फाइनल राउंड में भी नंजप्पा लगातार आगे चल रहे थे लेकिन अंतिम कुछ शॉट की सीरीज में रेपाचोली ने बढ़त बनाई और फाइनल के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीत लिया।
नंजप्पा चौथी सीरीज तक 100.9 अंक लेकर सबसे आगे चल रहे थे। उस समय ऑस्ट्रेलियाई निशानेबाज के 99.6 अंक थे। पांचवीं सीरीज में रेपाचोली आगे हो गए। तब उनके 119.9 अंक और नंजप्पा के 118.6 अंक हो गए।
छठी सीरीज में स्कोर क्रमशः 138.8 और 138.0 था। मुकाबले में सातवीं सीरीज ने सारा अंतर पैदा किया।
रेपाचोली ने इस सीरीज में कुल 20.8 अंक जुटाए जबकि नंजप्पा ने 18.8 अंक जुटाए। यहां स्कोर 159.6 और 156.8 हो गया।
आठवीं सीरीज में रेपाचोली ने 20.2 और नंजप्पा ने 21.6 अंक जुटाकर फासला कुछ कम किया। ऑस्ट्रेलियाई निशानेबाज के अब 179.8 और भारतीय निशानेबाज के 178.4 अंक हो गए।
अंतिम सीरीज में रेपाचोली ने 19.7 और नंजप्पा ने 19.8 का स्कोर किया। अंतिम स्कोर में रेपाचोली के खाते में 199.5 अंक रहे जबकि नंजप्पा के खाते में 198.2 अंक रहे। हालांकि इस कड़ी टक्कर के बाद ऑस्ट्रेलियाई निशानेबाज ने नंजप्पा से हाथ मिलाकर उन्हें रजत पदक जीतने के लिए बधाई दी।