यूसुफ पठान, कीर्ति आजाद और दिलीप टिर्की
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आज देश की 543 लोकसभा सीटों के नतीजे आ रहे हैं। इनमें से कई सीटों पर बड़े-बड़े राजनीतिक दिग्गजों के अलावा राजपरिवारों और खिलाड़ियों की साख भी दांव पर लगी थी। भारत को विश्व कप जिता चुके दो क्रिकेटर और भारत का एक दिग्गज हॉकी खिलाड़ी भी चुनावी मैदान में थे। इनमें 1983 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के हिस्सा रहे कीर्ति आजाद, 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे यूसुफ पठान शामिल हैं। वहीं, हॉकी इंडिया के मौजूदा अध्यक्ष और भारत को अपनी हॉकी स्टिक का जादू दिखाने वाले दिलीप टिर्की भी चुनाव मैदान में थे। आज तीनों की किस्मत का फैसला हुआ। जहां विश्व विजेता क्रिकेटरों का जनता ने साथ दिया, वहीं दिलीप के खिलाफ लोगों का जनादेश आया है।
आइए एक नजर डालते हैं उन लोकसभा सीटों पर जहां से ये तीनों खिलाड़ी चुनावी मैदान में थे...
यूसुफ पठान का शानदार डेब्यू
यूसुफ पठान
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यूसुफ को तृणमूल कांग्रेस ने बहरामपुर से टिकट दिया था। पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट का मुकाबला भी दिलचस्प रहा। यूसुफ कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे थे। वहीं, भाजपा ने डॉक्टर निर्मल कुमार साहा को मैदान में उतारा था। यूसुफ पहली बार राजनीति में उतरे और उन्होंने डेब्यू पर ही 'बड़ी पारी' खेल दी। उन्हें अब तक 5,23196 वोट मिल चुके हैं और वह दूसरे स्थान पर मौजूद अधीर रंजन पर 85,283 वोटों की निर्णायक बढ़त ले चुके हैं। उनका जीतना तय है।
बीते 2019 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में कांग्रेस के खाते में दो सीटें गई थीं जिनमें बहरामपुर भी शामिल थी। कांग्रेस की तरफ से अधीर रंजन चौधरी को जीत मिली थी। यूसुफ भारत के एक और पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर इरफान पठान के भाई हैं। वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के लिए सात साल खेल चुके हैं। यूसुफ 2012 और 2014 में आईपीएल खिताब जीतने वाली केकेआर टीम का हिस्सा रहे थे।
आईपीएल खिताब जीतने के बाद वह कई बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिल चुके हैं और सम्मानित किए जा चुके हैं। 2011 आईपीएल से पहले उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा था। हालांकि, इस टीम के साथ वह कुछ खास फॉर्म नहीं दिखा सके। हालांकि, उन्होंने कुछ मैच जिताने वाली पारियां जरूर खेलीं। सात साल तक इस टीम के साथ समय गुजारने के बाद 2018 आईपीएल से पहले सनराइजर्स हैदराबाद टीम ने उन्हें ऑक्शन में खरीदा। 2019 में भी वह सनराइजर्स के लिए ही खेले और इसके बाद उन्हें मौका नहीं मिला। फरवरी 2021 में यूसुफ ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का एलान किया था।
कीर्ति आजाद फिर चमके
कीर्ति आजाद
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कीर्ति आजाद को बर्धमान दुर्गापुर सीट से टिकट मिला। दक्षिण बंगाल में स्थित बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प रहा। इस चुनाव में भाजपा ने यहां से प्रदेश अध्यक्ष रहे दिलीप घोष को उतारा था, जो पिछली बार मेदिनीपुर से सांसद थे। वहीं, भाकपा ने सुकृति घोषाल को अपना चेहरा बनाया था।
बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट पर पिछला मुकाबला कांटे का रहा था और हार-जीत महज 2439 वोटों से तय हुई थी। पिछली बार यहां से भाजपा के एसएस अहलूवालिया जीते थे। हालांकि, इस बार कीर्ति आजाद को 720667 वोट मिले और वह जीत गए। उन्होंने दूसरे स्थान पर रहे दिलीप घोष पर 137981 वोट से जीत दर्ज की। दिलीप को 582686 वोट मिले।
कीर्ति आजाद ने 2014 के आम चुनाव में भाजपा से चुनाव लड़ा था और बिहार के दरभंगा सीट से सांसद चुने गए थे। 23 दिसंबर 2015 को उन्हें पार्टी ने निलंबित किया था। फरवरी 2019 में कीर्ति आजाद कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। वह कांग्रेस ने 2019 के आम चुनाव में धनबाद लोक सभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें भाजपा के पशुपति नाथ सिंह ने 4.8 लाख के वोटों के अंतर से हराया था। नवंबर, 2021 में कीर्ति आजाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे और कहा था कि राजनीति से संन्यास तक वह इसी पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। कीर्ति आजाद के पिता भगवत झा आजाद बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं।
दिलीप टिर्की
दिलीप टिर्की
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ओडिशा के सुंदरगढ़ लोकसभा क्षेत्र में भी एक हाई-प्रोफाइल मुकाबला रहा। आदिवासी बहुल सीट पर प्रतिष्ठित हॉकी स्टार बीजद के दिलीप टिर्की मैदान में थे। दिलीप भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान हैं और वर्तमान में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष हैं। बीजद उम्मीदवार के सामने भाजपा के दिग्गज नेता जुएल ओराम चुनाव मैदान में थे। ओराम केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री रह चुके हैं।पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा के जुएल ओराम को जीत मिली थी। इस बार भी उन्होंने ही लगभग बाजी मार ली है। ओराम को फिलहाल 4,94,282 वोट मिल चुके हैं और वह दिलीप टिर्की पर फिलहाल 138808 वोट की बढ़त हासिल कर चुके हैं।