मुक्केबाजों के राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद अब भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) में नया घमासान छिड़ गया है। बीएफआई के महासचिव प्रमोद कुमार ने अपने ही अध्यक्ष अजय सिंह पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया है।
प्रमोद कुमार ने 24 अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए विशेष आम सभा की बैठक बुला ली है। इस बैठक में महासंघ के मान्यता राज्यों और संस्थानों को वोटिंग के लिए आमंत्रित किया गया है। अविश्वास प्रस्ताव को पास करने के लिए दो तिहाई मतों की जरूरत होगी।
एकतरफा फैसला लेने का आरोप
प्रमोद ने राज्य संघों के पदाधिकारियों को लिखे पत्र में आरोप लगाए हैं कि अजय सिंह एकतरफा फैसले ले रहे हैं। वह सचिव को उनके संविधानिक कार्य भी नहीं करने दे रहे हैं। प्रमोद ने अजय सिंह पर कार्यकारिणी के समर्थन के बिना गैरकानूनी तरीके से महासंघ के संविधान में संशोधन का आरोप लगाया है। प्रमोद का आरोप है कि उन्हें ऑफिस कार्यों के लिए इन्फो मेल आईडी भी नहीं दी गई। वहीं, बीएफआई ऑफिस की ओर से सचिव के सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा गया है कि अविश्वास प्रस्ताव पास नहीं होगा।
दूसरी बार लाया गया है अविश्वास प्रस्ताव
यूपी बॉक्सिंग संघ के सचिव प्रमोद कुमार को बीते वर्ष ही अजय सिंह की सहमति से बीएफआई सचिव चुना गया था, लेकिन इस चुनाव को खेल मंत्रालय और आईओए की ओर से मान्यता नहीं दी गई थी। कुछ समय में ही अध्यक्ष और सचिव के बीच दूरियां बन गईं जिसके चलते प्रमोद ने अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया है। यह दूसरा मौका है जब अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इससे पहले पूर्व कोषाध्यक्ष दिग्विजय सिंह उनके खिलाफ यह प्रस्ताव लाए थे जिसमें प्रमोद ने अजय सिंह का साथ दिया था। अजय सिंह गुट का दावा है कि यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका था।