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टेनिस : भारत की युवा सनसनी वैष्णवी ने सानिया मिर्जा से तुलना पर क्या कहा? बिली जीन किंग कप को लेकर कही यह बात

Tue, 14 Apr 2026 08:35 AM IST
Swapnil Shashank इशिता अग्रवाल, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

भारत की युवा टेनिस खिलाड़ी वैष्णवी ने दिग्गज सानिया मिर्जा से अपनी तुलना पर संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह तुलना उनके लिए सम्मान की बात है, लेकिन वह अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं। साथ ही उन्होंने बिली जीन किंग कप को लेकर भी अमर उजाला से बातचीत की।
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वैष्णवी अडकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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बिली जीन किंग कप के प्लेऑफ क्वालिफायर्स में भारत के लिए पदार्पण करने वाली वैष्णवी अडकर ने सभी को प्रभावित किया। विश्व नंबर-385 वैष्णवी ने न्यूजीलैंड और कोरिया के खिलाफ जीत दर्ज की। उनके इस प्रदर्शन की झलक फरवरी में हुए डब्ल्यू 100 टूर्नामेंट के फाइनल में भी दिखी। वह सानिया मिर्जा (2001) के बाद डब्ल्यू 100 फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय हैं। उन्हें अगली सानिया के रूप में देखा जा रहा है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में वैष्णवी ने कहा, 'सानिया से तुलना गर्व की बात है, लेकिन मैं अगली सानिया नहीं, बल्कि वैष्णवी के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहती हूं।'
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कौन हैं वैष्णवी?
पुणे के 12 सदस्यों के परिवार में पली-बढ़ी वैष्णवी की टेनिस यात्रा 7 वर्ष की उम्र में शुरू हुई। घर के शोर-शराबे से बचने के लिए मां ने चारों भाई-बहनों को टेनिस के लिए प्रेरित किया। वैष्णवी ने बताया कि अंडर-14, 16 एकल में राष्ट्रीय खिताब नहीं जीत पाने के बाद अंडर-18 में खिताब मिला तो आत्मविश्वास बढ़ा और बिली जीन किंग कप में पदार्पण करने में सफल रही।

तीन वर्षों में ग्रैंडस्लैम खेलने का लक्ष्य
अपनी आक्रामक शैली के लिए मशहूर वैष्णवी दो बार के ग्रैंडस्लैम विजेता रोहन बोपन्ना से प्रशिक्षण ले रही हैं। वह बताती हैं कि बोपन्ना और बालू सर (बालाचंद्रन मणिक्कथ) ने उन्हें समझाया कि हर गेंद पर जोर लगाना जरूरी नहीं होता, कई बार डिफेंस भी मैच का रुख तय करता है। मेरा लक्ष्य 3-4 वर्षों में ग्रैंडस्लैम खेलने का है।
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जोकोविच सेरेना से मिली प्रेरणा
जोकोविच की 38 की उम्र में भी अंतिम अंक पाने की जिद वैष्णवी को प्रेरित करती है। वहीं, सेरेना विलियम्स का हर स्थिति में हार न मानना उत्साह बढ़ाता है।
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