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CWG 2026: कॉमनवेल्थ के पदकवीरों को एशियाड में जगह क्यों नहीं? हर्ष सिंह और उन्नति शर्मा ने उठाई आवाज

Tue, 11 Aug 2026 02:05 PM IST
मयंक त्रिपाठी हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाले जुडोका हर्ष सिंह और कांस्य पदक विजेता उन्नति शर्मा को एशियाई खेलों की टीम में जगह नहीं मिली। मंत्रालय की शीर्ष-छह एशियाई रैंकिंग नीति के कारण दोनों बाहर हुए हैं और उन्होंने हालिया पदक प्रदर्शन के आधार पर टीम में शामिल किए जाने की गुहार लगाई है।

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हर्ष सिंह-उन्नति शर्मा - फोटो : ANI
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विस्तार
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ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में देश को स्वर्ण पदक दिलाने वाले जुडोका हर्ष सिंह को एशियाई खेलों की टीम में जगह नहीं मिली है। सिर्फ हर्ष ही नहीं बल्कि 63 किलो में कांस्य जीतने वाली उन्नति शर्मा भी एशियाड टीम में शामिल नहीं हैं। एशियाई खेलों के लिए खेल मंत्रालय ने सिर्फ तीन महिला जुडोकाओं को मंजूरी दी है।
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एशियाड के लिए तय मंत्रालय की चयन नीति पर कोई भी पुरुष
जुडोका खरा नहीं उतरता है। मंत्रालय ने एशियाड के लिए एशिया में शीर्ष छह की रैंकिंग निर्धारित कर रखी है। इस नीति पर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली अस्मिता डे, यामिनी मौर्या और एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य जीतने वाली इनुगांबी ही खरी उतर रही है। फिलहाल मंत्रालय और साई ने इन्हीं तीनों जुडोकाओं को एशियाड के लिए हरी झंडी दी है, लेकिन हर्ष और उन्नति ने खेल राज्य मंत्री के समक्ष गुहार लगाई है कि उन्हें हालिया प्रदर्शन के आधार पर एशियाई खेलों की टीम में शामिल किया जाए।

गुहार, पदक के आधार पर मिले जगह
एशियाई खेलों के लिए जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (जेएफआई) ने तीन पुरुष और तीन महिला जुडोकाओं का चयन किया था। इनमें अरुण कुमार, श्रद्धा, हर्ष भी शामिल थे। अरुण कुमार डोप में फंस गए हैं, जबकि हर्ष और श्रद्धा एशिया में शीर्ष छह रैंकिंग की चयन नीति को पूरा नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि इन दोनों के अलावा उन्नति को टीम में जगह नहीं दी गई है। सूत्र बताते हैं कि हर्ष और उन्नति ने खेल मंत्रालय से गुहार लगाई है कि उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीता है। उनके इस प्रदर्शन के आधार पर उन्हें एशियाड की टीम में शामिल किया जाए।
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अंतिम क्षणों में 14 जुडोका गए थे ग्लासगो
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाले हर्ष देश के पहले पुरुष जुडोका हैं। जेएफआई के एक अधिकारी का कहना है कि हम मानते हैं कि एशियाई खेलों में राष्ट्रमंडल खेलों के मुकाबले जुडो में कठिन चुनौती है, लेकिन पदक विजेताओं को इन खेलों में मौका दिया जाना चाहिए। वह इस बारे में मंत्रालय और साई से बात कर रहे हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भी पहले तीन-तीन जुडोकाओं को जाना था, लेकिन अंतिम क्षणों में सात-सात जुडोकाओं को भेजा गया। पहली बार | इन खेलों में जूडो में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य जीता।
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