राष्ट्रमंडल खेलों की दो बार स्वर्ण पदक जीतने वाली वेटलिफ्चर संजीता चानू डोप टेस्ट में फेल रही हैं। इसके बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। संजीता ने 30 सितंबर को कुल 187 किलो वजन उठाया और प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया था। इसके बाद उनके सैंपल लिए गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके 'ए' और 'बी' दोनों सैंपल में ड्रोस्तानोलोन पाया गया है। यह एक एनाबॉलिक स्टेरॉयड है, जो विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की प्रतिबंधित सूची में शामिल है।
संजीता को अब राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के डोपिंग रोधी पैनल के सामने पेश होना होगा। उन्हें इस अपराध के लिए चार साल तक के लिए बैन किया जा सकता है। अगर वह दोषी पाई जाती हैं तो राष्ट्रीय खेलों में अपना रजत पदक भी गंवा सकती हैं।