फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CWG 2026: भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने भारत को दिलाया तीसरा रजत, कितने अंतर से स्वर्ण पदक लाने से चूकीं?

Mon, 27 Jul 2026 07:25 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ग्लास्गो

सार

भारतीय महिला भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत लिया। ज्ञानेश्वरी ने महिला 53 किलो वर्ग में कुल 199 किलो वजन उठाया और दूसरे स्थान पर रहीं।
विज्ञापन
ज्ञानेश्वरी यादव - फोटो : IANS
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत की महिला भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलो भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो वजन उठाया। इसके साथ ही उन्होंने कुल 199 किलो वजन उठाकर दूसर स्थान हासिल किया। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला दिदिह ने कुल 206 किलो (93+113) वजन उठाकर स्वर्ण पदक और कनाडा की रेबेका ग्रोउलेक्स ने कुल 178 किलो (83+95) का वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। 
विज्ञापन

स्नैच से ही की दमदार शुरुआत
ज्ञानेश्वरी शुरुआत से ही पदक की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन महज सात किलो के अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं। ज्ञानेश्वरी ने पहले प्रयास में 82 किलो वजन सफलतापूर्वक उठाया। ज्ञानेश्वरी ने स्नैच के दूसरे प्रयास में 85 किलो वजन उठाया। इसके बाद उन्होंने स्नैच के तीसरे प्रयास में 88 किलो वजन उठाया। ज्ञानेश्वरी के स्नैच में तीनों प्रयास सफल रहे। हर एक प्रयास में उन्होंने अपना वजन बढ़ाया और वह इसे उठाने में सफल भी रहीं। ज्ञानेश्वरी का तीसरे प्रयास में 88 किलो वजन कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी था, लेकिन नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला दिदिह ने 93 किलो उठाया नया रिकॉर्ड बनाया।

क्लीन एंड जर्क में दिदिह से किस तरह पिछड़ीं
स्नैच के बाद नाइजीरिया की दिदिह आगे चल रही थीं और ज्ञानेश्वरी दूसरे नंबर पर थीं। क्लीन एंड जर्क में ज्ञानेश्वरी ने पहले प्रयास में 103 किलो वजन रजिस्टर कराया और वह इसमें सफल भी रहीं। इसके बाद उन्होंने 107 किलो और 111 किलो का वजन उठाया। स्नैच की तरह क्लीन एंड जर्क में भी ज्ञानेश्वरी के तीनों प्रयास सफल रहे। लेकिन दिदिह स्नैच की तरह क्लीन एंड जर्क में भी ज्ञानेश्वरी से आगे रहीं। दिदिह ने क्लीन एंड जर्क के तीन प्रयास में क्रमश: 105, 110 और 113 किलो वजन उठाया और स्वर्ण हासिल करने में सफल रहीं।

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पांचवां पदक 
ज्ञानेश्वरी शुरुआत से ही पदक की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन महज सात किलो के अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं। भारत ने इस तरह ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक पांच पदक अपने नाम किए हैं जिसमें चार भारोत्तोलन में आए हैं। भारत अब तक एक स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक जीत चुका है। भारत की ओर से अब तक भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने स्वर्ण, पुरुष भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह, राजा और ज्ञानेश्वरी ने रजत और पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीते हैं।
विज्ञापन

पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव को राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने पर बधाई दी है। मोदी ने एक्स पर लिखा, ज्ञानेश्वरी देवी को राष्ट्रमंडल खेल 2026 में रजत पदक जीतने पर बधाई। यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। उम्मीद है कि उनकी सफलता भारत के युवाओं को प्रेरित करेगी। उन्हें भविष्य की सफलता के लिए शुभकामनाएं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें