ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत ने 10वें दिन पुरुष त्रिकूद स्पर्धा में दोहरी सफलता हासिल की। भारत की ओर से इस स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु ने दमदार प्रदर्शन करते हुए क्रमश: रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले, पैरा एथलेटिक्स इवेंट में पुरुषों के T54 1500 मीटर फाइनल में भारत के रमेश शनमुगम 3:23.59 का समय लेकर सातवें स्थान पर रहे।
भारत के नाम अब तक कितने पदक
प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर के जंप अटैम्प्ट के साथ रजत पदक अपने नाम किया। वहीं, भारत के ही सेल्वा प्रभु ने 16.52 के सर्वश्रेष्ठ अटैम्प्ट के साथ कांस्य पदक जीता। त्रिकूद में पदक का यह ऐतिहासिक मौका था। प्रवीण पहले भी पदक जीत चुके हैं, लेकिन सेल्वा ने भी अच्छी टक्कर दी। भारत ने सात स्वर्ण, 13 रजत और सात कांस्य समेत 27 पदक जीत लिए हैं। इनमें से दो स्वर्ण आज ही मुक्केबाजी में आए हैं। प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने स्वर्ण पर कब्जा जमाया।
प्रवीण और प्रभु का प्रदर्शन
प्रवीण ने पूरी स्पर्धा के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 16.05 मीटर से शुरुआत की, फिर 15.64 मीटर की छलांग लगाई, तीसरे प्रयास में सुधार करते हुए 16.31 मीटर तक पहुंचे और चौथे प्रयास में 16.58 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। उनका पांचवां प्रयास 16.40 मीटर का था, जबकि आखिरी प्रयास फाउल रहा। वहीं, फाइनल आगे बढ़ने के साथ सेल्वा ने भी अपनी लय बनाई। 21 वर्षीय खिलाड़ी ने 15.87 मीटर से शुरुआत की, फिर 16.17 मीटर और तीसरे राउंड में 16.43 मीटर तक सुधार किया। चौथे प्रयास में फाउल होने के बाद, उन्होंने पांचवें राउंड में 16.52 मीटर की शानदार छलांग लगाकर कांस्य पदक की स्थिति हासिल की और अंत में 16.08 मीटर की छलांग लगाई।
2018 में पहले खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में गोल्ड और उसी साल यूथ ओलंपिक गेम्स में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर अपनी पहचान बनाने के बाद से प्रवीण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में रजत पदक जीता और नेशनल इंडोर रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद, उन्होंने 17.37 मीटर के साथ भारतीय आउटडोर नेशनल रिकॉर्ड बेहतर किया और हांग्जो एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता।