इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोक रहे इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन के चेयरमैन अभय सिंह चौटाला ने खेल मंत्रालय के रवैये अनुचित करार दिया है। चौटाला का कहना है कि अगर मंत्रालय फेडरेशन की मान्यता को रद्द करता है तो यह दुर्भाग्य होगा। आखिर उनके कार्यकाल में बॉक्सिंग ने देश में बड़ी प्रगति की है। इसका उदाहरण इस खेल से दो ओलंपिक पदक मिलना है। बावजूद इसके वह फेडरेशन चलाएंगे।
चौटाला ने अमर उजाला से कहा कि फेडरेशन के चुनाव के लिए उन्होंने खेल मंत्रालय को खुद लिखकर दिया था कि वह अपने पर्यवेक्षक को भेजें। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बावजूद इसके उन्होंने आईओए पर्यवेक्षक व सेवानिवृत चीफ जस्टिस की अगुवाई में चुनाव कराए। इन दोनों की रिपोर्ट कैसे गलत हो सकती है।
उन्होंने कहा कि फेडरेशन के अध्यक्ष अभिषेक मटौरिया ने खेल मंत्रालय से उनके कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए समय मांगा है। बावजूद इसके मंत्रालय मान्यता रद्द करता है तो वह खेल मंत्री जितेंद्र सिंह से बात कर उन्हें सारी स्थिति से अवगत कराएंगे। चौटाला का कहना है कि मंत्रालय का यह कदम पूरी तरह से आत्मघाती होगा। जिससे बॉक्सिंग का देश में भविष्य चौपट हो जाएगा।