दक्षिण कोरिया की स्टार शटलर एन से यंग ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में महिला सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी ने डिफेंडिंग चैंपियन जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17, 21-14 से मात दी। यह एन से यंग का दूसरा विश्व चैंपियनशिप खिताब है। तेज रफ्तार वाले फाइनल में उन्होंने शानदार संयम दिखाते हुए यामागुची के आक्रामक खेल का प्रभावी ढंग से सामना किया और अहम मौकों पर मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
पहले गेम में रोमांचक मुकाबला
पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। शुरुआत से ही कोई भी खिलाड़ी बड़ी बढ़त बनाने में सफल नहीं हुई। एन से यंग एक समय 15-12 से आगे थीं, लेकिन यामागुची ने लगातार अंक हासिल करते हुए स्कोर 16-15 कर दिया। इसके बाद एन ने शानदार वापसी की। सटीक विनर्स और यामागुची की कुछ गलतियों का फायदा उठाते हुए उन्होंने लगातार चार अंक हासिल किए और 21-17 से पहला गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में एन ने बनाई मजबूत पकड़
दूसरे गेम की शुरुआत यामागुची ने बेहतर तरीके से की और 4-2 की बढ़त बनाई। हालांकि, एन से यंग ने जल्द ही लय हासिल कर ली और स्कोर को अपने पक्ष में करते हुए 7-6 की बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने 11-7 से मजबूत स्थिति हासिल कर ली। यामागुची ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन एन ने उन्हें वापसी का कोई मौका नहीं दिया। 16-11 की बढ़त के बाद एन लगातार दबाव बनाए रखती रहीं।
17-13 के स्कोर पर एन ने मुकाबले का शानदार प्वाइंट जीता। लंबी रैली के बाद उन्होंने बेहतरीन ड्रॉप शॉट खेला, जिसे यामागुची संभाल नहीं सकीं। इसके बाद एन ने लगातार तीन और अंक हासिल किए और 21-14 से दूसरा गेम जीतकर विश्व खिताब अपने नाम कर लिया।
विश्व चैंपियनशिप में एन का शानदार सफर
एन से यंग ने इससे पहले 2023 में कोपेनहेगन में अपना पहला विश्व चैंपियनशिप खिताब जीता था। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पिछले साल पेरिस में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। नई दिल्ली में एन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने छह मैचों के अभियान में एक भी गेम नहीं गंवाया।
यामागुची के खिलाफ लगातार छठी जीत
इस जीत के साथ एन से यंग ने अकाने यामागुची के खिलाफ लगातार छठी जीत दर्ज की। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक हुए मुकाबलों में एन का रिकॉर्ड 20-15 हो गया है। वहीं, तीन बार की विश्व चैंपियन यामागुची चौथी बार महिला सिंगल्स का विश्व खिताब जीतने के इरादे से उतरी थीं, लेकिन एन से यंग के लगातार दबाव और संयमित खेल के सामने उनकी चुनौती टिक नहीं सकी। एन से यंग की यह जीत न केवल उनके दूसरे विश्व खिताब की पुष्टि करती है, बल्कि महिला बैडमिंटन में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी के रूप में उनकी मजबूत स्थिति को भी दर्शाती है।