सार
विश्व बैडमिंटन महासंघ ने विश्व चैंपियनशिप से पहले इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में किए गए नवीनीकरण और सफाई कार्य पर संतोष जताया है। महासंघ के अनुसार, इंडिया ओपन के दौरान उठाई गई अधिकांश कमियों को दूर कर दिया गया है और टूर्नामेंट की तैयारियां सही दिशा में हैं।
जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान खराब व्यवस्थाओं को लेकर आलोचना झेलने वाले इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अब बड़े पैमाने पर सुधार किए गए हैं। विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने बुधवार को कहा कि आगामी विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप से पहले स्टेडियम में कराए गए नवीनीकरण और सफाई कार्य से वह संतुष्ट है।
दूर हुईं कमियां
महासंघ के अनुसार, इंडिया ओपन के दौरान सामने आई अधिकांश कमियों को दूर कर दिया गया है। जनवरी में आयोजित इंडिया ओपन सुपर-750 टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों और अधिकारियों ने गंदगी, अस्वच्छ शौचालयों और स्टेडियम परिसर में कबूतरों व बंदरों की मौजूदगी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी।
कई चरणों में हुआ निरीक्षण
बीडब्ल्यूएफ के इवेंट्स डायरेक्टर (टूर्नामेंट ऑपरेशंस) सेल्वाअमरेश सुप्रमणियम ने बताया कि पिछले सात महीनों में उनकी टीम ने जनवरी, फरवरी, अप्रैल, जून और अगस्त में कई बार स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हर दौरे के दौरान सुधार कार्य की समीक्षा की गई और इस दौरान सुविधाओं में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले।
शौचालयों से लेकर छत तक हुआ नवीनीकरण
सुप्रमणियम के मुताबिक सभी शौचालयों का नवीनीकरण किया गया है, पूरे परिसर में गहन सफाई अभियान चलाया गया, क्षतिग्रस्त सीटें बदली गईं, वायरिंग और सीलिंग का काम पूरा किया गया, टूटी हुई छतों की मरम्मत हुई और छत पर वॉटरप्रूफिंग भी कराई गई है। उन्होंने बताया कि छत की बीमों पर विशेष एंटी-बर्ड जेल लगाया गया है, जिससे पक्षी वहां बैठ नहीं पाएंगे। यह तकनीक हवाई अड्डों के आसपास भी इस्तेमाल की जाती है।
कबूतर, बंदर और आवारा कुत्तों पर भी कार्रवाई
बीडब्ल्यूएफ अधिकारी ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान उन्हें स्टेडियम में न तो कबूतर दिखाई दिए और न ही बंदर। उन्होंने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि इसकी वजह लोगों की मौजूदगी है या एंटी-बर्ड जेल, लेकिन स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर है। उन्होंने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए भी अभियान चलाया है। उनके अनुसार करीब 60 कुत्तों को हटाया जा चुका है और बाकी को भी जल्द हटाने की तैयारी है।
लाइटिंग सुधारने के लिए इंडोनेशियाई विशेषज्ञों की मदद
सुप्रमणियम ने स्वीकार किया कि इंडिया ओपन के दौरान स्टेडियम की लाइटिंग भी उम्मीद के अनुरूप नहीं थी। इसे बेहतर बनाने के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने इंडोनेशिया से विशेषज्ञ बुलाए हैं, जिन्होंने इंडोनेशिया ओपन और इंडोनेशिया मास्टर्स जैसे बड़े टूर्नामेंट में काम किया है।
'सबसे बड़ी प्राथमिकता सफल आयोजन'
उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियनशिप 17 अगस्त से शुरू होगी और तब तक सफाई का काम लगातार जारी रहेगा। बारिश और निर्माण कार्य के कारण गंदगी होना स्वाभाविक है, इसलिए नियमित निगरानी की जाएगी। सुप्रमणियम ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता विश्व चैंपियनशिप का सफल और बिना किसी व्यवधान के आयोजन को सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार प्रतियोगिता का सुचारू संचालन सबसे अहम है, जबकि बाकी सभी चीजें उसके बाद आती हैं।