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Olympic Qualifier: पेरिस ओलंपिक के लिए दम लगाने उतरेंगे भारतीय मुक्केबाज, पंघाल पर रहेंगी नजरें

Thu, 23 May 2024 10:33 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक

सार

मार्च में पिछले विश्व क्वालीफायर में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिसमें केवल 2023 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता निशांत देव ही पहले दौर की बाधा पार कर पाए थे।
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भारतीय मुक्केबाजी दल - फोटो : BFI Media
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विस्तार
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भारतीय मुक्केबाज शुक्रवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे विश्व क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में इस साल जुलाई-अगस्त में होने वाले पेरिस ओलंपिक के लिए उपलब्ध अंतिम स्थान हासिल करने के इरादे से रिंग में उतरेंगे। पिछले क्वालीफाइंग टूर्नामेंट तक भारतीय मुक्केबाजों ने चार कोटे हासिल किए हैं लेकिन महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में कोटा हासिल करने वाली परवीन हुड्डा पर ठिकाने की जानकारी देने में विफलता के कारण 22 महीने का प्रतिबंध लगाए जाने की शर्मनाक घटना के बाद ये घटकर अब तीन हो गए हैं। भारत ने इस प्रतियोगिता के लिए कुल 10 मुक्केबाज उतारे हैं जिसमें सात पुरुष और तीन महिलाएं हैं।
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अमित पंघाल को किया गया शामिल 
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने काफी बदलाव किए हैं जिसमें भारत के एकमात्र पुरुष विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता अमित पंघाल आखिरकार टीम में शामिल किए गए हैं क्योंकि दीपक भोरिया पहले दो क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में 51 किग्रा वजन वर्ग में कोटा हासिल करने में विफल रहे। पंघाल ने इस साल के शुरू में स्ट्रेंड्जा मेमोरियल टूर्नामेंट में और 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उन्हें ओलंपिक के लिए जगह बनाने का केवल एक ही मौका मिलेगा और पूर्व एशियाड चैंपियन इसका पूरा फायदा उठाने का प्रयास करेगा। पंघाल को दूसरी वरीयता मिली है और उन्हें पहले दौर में बाई मिली है जिससे क्वार्टर फाइनल में उनके चीन के लियू चुआंग या किर्गिस्तान के अनवरझान खोदजिएव से भिड़ने की संभावना है। 

पिछले क्वालीफायर में निराशाजनक रहा था प्रदर्शन
मार्च में पिछले विश्व क्वालीफायर में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिसमें केवल 2023 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता निशांत देव ही पहले दौर की बाधा पार कर पाए थे। इस दौरान कोचिंग संकट भी पैदा हो गया क्योंकि हाई परफोरमेंस निदेशक बर्नार्ड डुने ने पहले ही विश्व क्वालीफायर के दौरान अपना इस्तीफा सौंप दिया। अभिनाश जामवाल को भी ओलंपिक पदार्पण के लिए कट हासिल करने का मौका दिया गया है क्योंकि अनुभवी शिवा थापा 63.5 किग्रा वजन वर्ग में बार-बार विफल रहे हैं और इस वजन वर्ग में पांच कोटे दांव पर लगे हैं। जामवाल लिथुआनिया के आंद्रिजस लावरेनोवास के खिलाफ अभियान शुरू करेंगे।
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जैसमीन-अंकुशिता भी करेंगी प्रतिस्पर्धा
महिलाओं के वर्ग में अंकुशिता बोरो 66 किग्रा में खेलती थीं लेकिन अब वह 60 किग्रा में प्रतिस्पर्धा करेंगी और कट हासिल करने के लिए उन्हें शीर्ष तीन में रहना होगा। अंकुशिता ने इस वजन वर्ग में जैसमीन लम्बोरिया की जगह ली जो पहले दो क्वालीफाइंग में कोटा जुटाने में विफल रहीं। अंकुशिता पहले दौर में मंगोलिया की नामुन मोनखोर के सामने होंगी। बाद में उनके उज्बेकिस्तान की राशिदा टागिरोवा के सामने होने की उम्मीद है। जैसमीन को तीसरा मौका 57 किग्रा वजन वर्ग में दिया गया है जिसमें परवीन को प्रतिबंधित किया गया है। उन्हें पहले दौर में बाई मिली है और दूसरे दौर में उनका सामना अजरबेजान की महासती हमजाएवा से होगा। राष्ट्रीय चैंपियन अरूंधति चौधरी (66 किग्रा) कोटा हासिल करने की मुहिम में तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज होंगी और उन्हें भी बाई मिली है।
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