पंजाब पुलिस की जांच में फंसे बॉक्सर विजेंदर सिंह पर ड्रग्स मामले का ग्रहण उनके चमकते बॉक्सिंग कैरियर पर भी पड़ गया है। आईबा की ओर से अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खेलने से रोके जाने के बाद पहली बार रूस, साइप्रस और क्यूबा से आमंत्रण टूर्नामेंटों में खेलने का बुलावा भारतीय बॉक्सरों को मिला है।
इन टूर्नामेंटों में टीम के चयन के लिए पांच से सात अप्रैल को एनआईएस पटियाला में ट्रायल होने हैं। लेकिन विजेंदर सिंह ने इन ट्रायल को छोड़ने का फैसला करते हुए साई से आठ अप्रैल तक कैंप से छुट्टी मांगी है।
साई की ओर से उनकी यह छुट्टी फिर मंजूर कर ली गई है। लेकिन ट्रायल छोड़ने के चलते उनका भारतीय टीम से बाहर होना भी तय हो गया है। पंजाब पुलिस की जांच में जब से विजेंदर का नाम ड्रग्स मामले में उछला है। तब से वह कैंप से दूरी बनाए हैं।
हालांकि विजेंदर देश के नामी बॉक्सर हैं। लेकिन आईबीएफ के दिशा निर्देशों के मुताबिक नामी टूर्नामेंटों के लिए टीमों का चयन हमेशा ट्रायल के आधार पर होता है। हां, भारतीय टीम में शामिल नहीं होने का लाभ उन्हें इन कंपटीशन डोप टेस्ट से बचने का जरूर मिलेगा।
पंजाब पुलिस के दावे के मुताबिक अगर उन्होंने 12 बार ड्रग्स लिए हैं तो इसके अंश इन सैंपलों में आने का जरूर खतरा है। बॉक्सिंग में लागू होने वाले नए नियमों और वर्ल्ड चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए ये टूर्नामेंट बेहद महत्वपूर्ण हैं।