100 मीटर फर्राटा दौड़ के ओलंपिक चैंपियन जमैका के उसेन बोल्ट ने यहां चल रही विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चैंपियन का ताज पहना।
इसके साथ ही बोल्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अभी उनकी बादशाहत को चुनौती देने का दमखम किसी में नहीं है।
दुनियाभर में फर्राटा दौड़ के प्रशंसकों की निगाहें रविवार रात यहां के लुजनिकी स्टेडियम में बारिश के बीच इस दौड़ के शहंशाह बोल्ट पर लगी हुई थी।
2011 में दाएगु में बोल्ट फाल्स स्टार्ट के कारण अयोग्य करार दिए गए थे और तब उनके हमवतन योहान ब्लैक ने सोना जीता था। लेकिन इस बार बोल्ट ने कोई गलती नहीं की और 2009 का इतिहास दोहराते हुए दूसरी बार इस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया।
इस बार बोल्ट की कड़ी प्रतिस्पर्धा अमेरिका के जस्टिन गैटलिन से थी। फाइनल रेस में गैटलिन ने बोल्ट को कड़ी चुनौती दी और आधे समय वह आगे भी रहे।
लेकिन हमेशा की तरह फिनिशिग लाइन के करीब पहुंचने से पहले बोल्ट ने बुलेट की तरह रफ्तार भरी और गैटलिन को पछाड़कर चैंपियन बन गए।
बीजिंग ओलंपिक और लंदन ओलंपिक चैंपियन बोल्ट ने 9.77 सेकंड का समय निकाला जो इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ समय है। गैटलिन ने 9.85 सेकंड का समय निकाला और उनका बोल्ट को पछाड़ने का अधूरा रह गया।
जमैका के ही नेस्टा कार्टर ने 9.95 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
दिलचस्प बात यह है कि शीर्ष पांच एथलीटों में चार जमैका के रहे। चौथे स्थान पर जमैका के केमर बैले कोले (9.98 सेकंड) और पांचवें स्थान पर निकेल शमेदे (9.98 सेकंड) रहे।